BY
Yoganand Shrivastava
Gwalior : ‘बम-बम भोले’ और ‘हर-हर महादेव’ के जयकारों के साथ आज समूचा ग्वालियर शिवमय हो गया है। शहर के ऐतिहासिक अचलेश्वर महादेव मंदिर सहित सभी प्रमुख शिवालयों में सुबह से ही भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा है। विशेष श्रृंगार और भव्य सजावट के बीच श्रद्धालु कतारों में लगकर बाबा अचलनाथ का आशीर्वाद ले रहे हैं।
अचलेश्वर महादेव: 300 साल पुरानी आस्था और 2 लाख भक्तों का लक्ष्य
Gwalior ग्वालियर का प्रसिद्ध अचलेश्वर महादेव मंदिर आज श्रद्धा का मुख्य केंद्र बना हुआ है। मंदिर प्रशासन के अनुसार, सुबह 10 बजे तक ही लगभग 50 हजार भक्त जलाभिषेक कर चुके हैं, जबकि रात तक यह संख्या 2 लाख के पार पहुँचने का अनुमान है।
- ऐतिहासिक महत्व: 300 साल पुराने इस मंदिर की मान्यता है कि सिंधिया राजवंश के दौरान यहाँ भगवान ने पिंडी रूप में दर्शन दिए थे। लाख कोशिशों के बाद भी जब पिंडी को हिलाया नहीं जा सका, तो इसी स्थान पर भव्य मंदिर का निर्माण हुआ।
- विशेष आयोजन: बाबा को छप्पन भोग लगाने के लिए भव्य मंच तैयार किया गया है और मंदिर के तीनों द्वार भक्तों के लिए खोल दिए गए हैं।
कोटेश्वर और गुप्तेश्वर मंदिर में भक्ति का अनूठा रंग
Gwalior शहर के अन्य मंदिरों में भी उत्सव का माहौल है।
- ऊर्जा मंत्री की पदयात्रा: ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर अपने निवास से करीब 3 किलोमीटर की पदयात्रा कर कोटेश्वर महादेव मंदिर पहुँचे। रास्ते भर समर्थकों के साथ ‘शिव भक्ति’ में लीन मंत्री ने पाताली हनुमान और किलागेट होते हुए मंदिर में दर्शन किए।
- भव्य शिव बारात: गुप्तेश्वर महादेव सेवा संघ द्वारा सुबह 11 बजे भव्य चल समारोह (शिव बारात) निकाला गया। यह बारात जनकगंज और सराफा बाजार होते हुए अचलेश्वर मंदिर पहुँचेगी, जिसमें ढोल-नगाड़ों और शंख ध्वनि के साथ हजारों भक्त शामिल हैं।
दुधिया रोशनी से नहाए ग्वालियर के शिवालय
Gwalior महाशिवरात्रि के अवसर पर ग्वालियर के कोटेश्वर, मार्कंडेश्वर, भूतेश्वर, हजारेश्वर और मंगलेश्वर मंदिरों को दुल्हन की तरह सजाया गया है।
- सजावट: सभी प्रमुख मंदिरों में आकर्षक लाइटिंग और फूलों का भव्य श्रृंगार किया गया है।
- सुरक्षा व्यवस्था: भीड़ को देखते हुए अचलेश्वर रोड और इंदरगंज मार्ग पर पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि श्रद्धालु सुगमता से दर्शन कर सकें। चंबल अंचल के अन्य जिलों से भी बड़ी संख्या में लोग ग्वालियर पहुँच रहे हैं।
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