Ujjain News: विश्वविद्यालय अधिनियम 2026 पर उज्जैन में विरोध, सभी वर्गों के समान संरक्षण की मांग: केंद्र सरकार द्वारा जारी विश्वविद्यालय अधिनियम 2026 पर उच्छेदन और संशोधन की मांग उठी है। उज्जैन में आयोजित कैंडल मार्च में पूर्व आईएएस डॉ. हीरालाल त्रिवेदी, राष्ट्रीय संयोजक सपाक्स पार्टी ने कहा कि यह अधिनियम सामान्य वर्ग एवं अल्पसंख्यक वर्ग की छात्राओं के लिए परेशान करने वाला और पक्षपातपूर्ण है।
Ujjain News: सभी वर्गों के लिए समान संरक्षण की मांग
डॉ. त्रिवेदी ने बताया कि उच्च शिक्षा परिसरों में छात्र-छात्राओं को परेशान करना केवल जाति आधारित नहीं है, बल्कि सीनियर छात्र, समूह में रहने वाले छात्र और दादा टाइप छात्र भी जूनियर छात्र-छात्राओं को परेशान कर सकते हैं। इसलिए कानून में यह स्पष्ट होना चाहिए कि किन परिस्थितियों में छात्रों को परेशान किया जा सकता है। उनका कहना था कि विनियम केवल किसी एक वर्ग के संरक्षण के लिए नहीं, बल्कि सभी वर्गों के समान संरक्षण के लिए होना चाहिए।

संशोधन न होने पर सरकार को गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी
डॉ. त्रिवेदी ने भाजपा सरकार को चेतावनी दी कि यदि नियमों में संशोधन नहीं किया गया और इन्हें वापस नहीं लिया गया, तो इसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे।
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Ujjain News: कैंडल मार्च और ज्ञापन सौंपा
कैंडल मार्च का नेतृत्व अनिल सिंह चंदेल एवं हरदयालसिंह ठाकुर (क्षत्रिय महासभा), सुरेंद्र चतुर्वेदी (ब्राह्मण महासभा), महामंडलेश्वर शैलेषानंद जी, वैश्य समाज, दिनेश श्रीवास्तव, कायस्थ समाज, शैलेंद्र सिंह झाला (करणी सेना) सहित कई संगठन प्रमुखों ने किया। मार्च के अंत में राष्ट्रपति और राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा गया।





