BY: Yoganand Shrivastava
Goa news: गोवा में जिला पंचायत चुनाव को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। शनिवार 20 दिसंबर 2025 को जिला पंचायतों की कुल 50 सीटों के लिए मतदान कराया जाएगा। मतदान से पहले उत्तर और दक्षिण गोवा में निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है, ताकि चुनाव शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सके।
कितने मतदाता डालेंगे वोट
चुनाव आयोग के अनुसार, इस चुनाव में कुल 8 लाख 68 हजार 637 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इनमें 4 लाख 20 हजार 431 पुरुष और 4 लाख 48 हजार 201 महिला मतदाता शामिल हैं। मतदान मतपत्र के माध्यम से होगा। वोटों की गिनती 22 दिसंबर को की जाएगी।
मतदान को लेकर क्या हैं पाबंदियां
चुनाव को शांतिपूर्ण ढंग से कराने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
मतदान के दिन 20 दिसंबर को सुबह 6 बजे से रात 9 बजे तक मतदान केंद्रों से 100 मीटर के दायरे में स्थित होटल, ढाबे, चाय-पान की दुकानें और अन्य खाद्य प्रतिष्ठान बंद रहेंगे।
मतगणना वाले दिन 22 दिसंबर को भी सुबह 6 बजे से गिनती पूरी होने तक मतगणना केंद्रों पर इसी तरह के प्रतिबंध लागू रहेंगे।
मतदान केंद्रों के 200 मीटर के दायरे में पांच से अधिक लोगों के एकत्र होने पर रोक रहेगी।
चुनाव ड्यूटी में तैनात अधिकारी, कर्मचारी और सुरक्षाकर्मी इन प्रतिबंधों से मुक्त रहेंगे।
विवाह, अंतिम संस्कार और धार्मिक आयोजनों पर यह आदेश लागू नहीं होंगे।
नियमों का उल्लंघन करने पर भारतीय न्याय संहिता के तहत कार्रवाई की जाएगी।
आरक्षित सीटों का विवरण
चुनाव आयोग के मुताबिक, मतदाता सूची 1 जनवरी 2025 तक अद्यतन है।
उत्तर गोवा में महिलाओं के लिए 9 सीटें आरक्षित की गई हैं।
यहां अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए 7 और अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति के लिए 1-1 सीट आरक्षित है।
दक्षिण गोवा में महिलाओं के लिए 10 सीटें आरक्षित हैं।
अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए 6 और अनुसूचित जनजाति के लिए 5 सीटें आरक्षित रखी गई हैं।
कुल 1 हजार 284 मतदान केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें 658 उत्तर गोवा और 626 दक्षिण गोवा में हैं।
क्यों अहम है यह चुनाव
जिला पंचायत चुनाव को 2027 में होने वाले गोवा विधानसभा चुनाव से पहले बेहद अहम माना जा रहा है। इसे राजनीतिक दलों के लिए जनाधार परखने का अवसर माना जा रहा है।
पिछले विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को सबसे ज्यादा सीटें मिली थीं, जबकि कांग्रेस, आम आदमी पार्टी, महाराष्ट्रवादी गोमंतक पार्टी और निर्दलीय उम्मीदवारों ने भी जीत दर्ज की थी।
कांग्रेस ने इस बार भी निष्पक्ष मतदान की मांग करते हुए मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा का दावा किया है।





