रिपोर्ट: कृष्ण कुमार पटेरिया
Naugaon: शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में बुधवार देर रात एक दर्दनाक और चौंकाने वाली घटना सामने आई। विद्यालय में पदस्थ चपरासी गुलाब प्रसाद नापित ने ड्यूटी के दौरान फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना का सबसे हैरान करने वाला पहलू यह है कि संपूर्ण घटना स्कूल में लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई, जिसके आधार पर पुलिस जांच आगे बढ़ा रही है।
गुलाब प्रसाद नापित उस समय नाइट ड्यूटी पर थे। प्रतिदिन की तरह उन्होंने स्कूल परिसर की नियमित निगरानी की, लेकिन देर रात अचानक उन्होंने ऐसा खौफनाक कदम उठा लिया जिसकी किसी को कल्पना भी नहीं थी। सीसीटीवी फुटेज के मुताबिक, उन्होंने विद्यालय के एक कक्ष में खुद को अकेला पाते ही फांसी लगा ली। कुछ ही मिनटों में यह पूरी घटना कैमरे में दर्ज हो गई।
सुबह जब अन्य कर्मचारी स्कूल पहुंचे, तो उन्होंने चपरासी को संदिग्ध अवस्था में देखा। तुरंत इसकी सूचना नौगांव पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी और पुलिस बल मौके पर पहुंचा। पुलिस ने विद्यालय परिसर को सुरक्षा घेरे में लेकर पंचनामा कार्रवाई की और शव को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नौगांव भिजवाया।
घटना की पुष्टि होते ही पूरे स्कूल परिसर में अफरा-तफरी मच गई। शिक्षक, कर्मचारी और स्थानीय लोग यह जानकर स्तब्ध रह गए कि रातभर स्कूल की सुरक्षा का जिम्मा निभाने वाला चपरासी इस तरह अपनी जीवन लीला समाप्त कर जाएगा। वहीं दूसरी ओर परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। किसी को समझ नहीं आ रहा कि आखिर उन्होंने ऐसा कदम क्यों उठाया।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि प्रारंभिक जांच में आत्महत्या के पीछे कोई स्पष्ट कारण सामने नहीं आया है। गुलाब प्रसाद नापित न तो किसी विवाद में उलझे थे और न ही किसी प्रकार की शिकायत दर्ज कराई गई थी। परिजनों ने भी यह स्वीकार किया कि वह सामान्य रूप से ही व्यवहार कर रहे थे और किसी प्रकार की मानसिक परेशानी का अंदेशा नहीं था। हालांकि सच्चाई का पता लगाने के लिए पुलिस सीसीटीवी फुटेज, परिजनों के बयान और अन्य परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच कर रही है।
फुटेज के आधार पर पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि घटना से पूर्व उनकी मानसिक स्थिति कैसी थी और क्या किसी ने उन्हें किसी प्रकार से उकसाया या दबाव डाला। विद्यालय प्रबंधन से भी पूछताछ की जा रही है कि क्या कार्यस्थल पर किसी प्रकार का तनाव या विवाद था जो उन्हें इस स्थिति तक ले आया।
इस दर्दनाक घटना के बाद स्कूल प्रबंधन ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी चिंता जताई है। सवाल यह उठ रहा है कि आखिर वह कौन सी मजबूरी थी जिसने एक जिम्मेदार कर्मचारी को ऐसा कदम उठाने पर मजबूर कर दिया। विद्यालय प्रशासन ने पुलिस को सीसीटीवी फुटेज और अन्य दस्तावेज उपलब्ध करवाए हैं, ताकि जांच में कोई कमी न रह जाए।
स्थानीय लोगों के बीच भी इस घटना को लेकर चर्चा जारी है। कई लोग इसे मानसिक तनाव का परिणाम बता रहे हैं, तो कुछ का मानना है कि अचानक हुई आत्महत्या के पीछे कोई बड़ा कारण छिपा हो सकता है। इसीलिए पुलिस ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए सभी पहलुओं पर जांच शुरू कर दी है।
फिलहाल, पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है, जिसके बाद कई सवालों के जवाब मिल सकते हैं। घटना के बाद परिवार गहरे शोक में है और लगातार यही सवाल कर रहा है कि आखिर उनकी नजरों से क्या छुपा रह गया, जो गुलाब प्रसाद को इस अतिवादी कदम की ओर ले गया।
नौगांव के इस सरकारी स्कूल में हुई इस दुखद घटना ने सभी को झकझोर दिया है। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि जांच पूरी निष्पक्षता से की जाएगी और यदि किसी भी प्रकार की प्रताड़ना, दबाव या उकसावे के संकेत मिलते हैं तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।





