BY: Yoganand Shrivastva
नोएडा: वायु प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। हालात बिगड़ने के बाद वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने क्रमिक प्रतिक्रिया कार्य योजना (GRAP) के तीसरे चरण को लागू कर दिया है। इसके साथ ही नोएडा प्राधिकरण ने शहर में कई गतिविधियों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है।
वायु गुणवत्ता बेहद खराब श्रेणी में
बुधवार शाम को नोएडा के विभिन्न सेक्टरों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) बेहद गंभीर श्रेणी में दर्ज किया गया। सेक्टर 1 में 407, सेक्टर 125 में 425, सेक्टर 62 में 388 और सेक्टर 116 में 415 का स्तर पाया गया। वायु में पीएम 2.5 और पीएम 10 प्रमुख प्रदूषक पाए गए।
निर्माण कार्यों पर सख्त प्रतिबंध
सीएक्यूएम के निर्देशों के बाद नोएडा में अस्पताल, मेट्रो परियोजनाओं और फ्लाईओवर निर्माण को छोड़कर सभी प्रकार के निर्माण कार्य रोक दिए गए हैं। इसका उद्देश्य बढ़ते प्रदूषण पर तुरंत नियंत्रण पाना है, क्योंकि क्षेत्र की वायु गुणवत्ता लगातार “गंभीर” श्रेणी में बनी हुई है।
बीएस-3 और बीएस-4 वाहनों की आवाजाही पर रोक
प्राधिकरण ने बीएस-3 पेट्रोल और बीएस-4 डीजल चार पहिया वाहनों के नोएडा में चलने पर पाबंदी लगा दी है। साथ ही सभी रेडी-मिक्स कंक्रीट (RMC) संयंत्रों, स्टोन क्रशर और विध्वंस कार्यों को भी अगले आदेश तक बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं।
नियम तोड़ने पर कानूनी कार्रवाई और जुर्माना
नोएडा प्राधिकरण ने नागरिकों, संस्थानों और एजेंसियों से अपील की है कि वे GRAP-3 के तहत जारी सभी निर्देशों का पालन करें। नियमों की अनदेखी करने वालों पर जुर्माना और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।





