by: vijay nandan
हरिद्वार: हरिद्वार ज़िला प्रशासन ने कुंभ मेला भूमि को अवैध कब्जों से मुक्त कराने के लिए बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग के साथ मिलकर चलाए जा रहे ‘पीला पंजा’ अभियान (अतिक्रमण हटाओ अभियान) के तहत कुंभ मेले के लिए आरक्षित सरकारी ज़मीन पर बने अवैध निर्माणों को ध्वस्त किया जा रहा है। यह कार्रवाई विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि हरिद्वार में गंगा और गंग नहर किनारे की कई सरकारी संपत्तियाँ, जिनका रखरखाव उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग के अधीन है, पर भारी अतिक्रमण हो चुका था।
2027 कुंभ मेले की तैयारियों के मद्देनज़र एक्शन
यह अतिक्रमण विरोधी अभियान मुख्य रूप से 2027 में होने वाले अर्धकुंभ को भव्य और सुव्यवस्थित तरीके से आयोजित कराने की तैयारियों के मद्देनज़र चलाया जा रहा है। जिला प्रशासन ने साफ कर दिया है कि कुंभ मेला क्षेत्र की ज़मीन को पूरी तरह से अतिक्रमण मुक्त करना आवश्यक है।

संयुक्त कार्रवाई: उत्तराखंड जिला प्रशासन और यूपी सिंचाई विभाग के अधिकारियों की संयुक्त टीम कार्रवाई कर रही है। बैरागी कैंप, रोड़ीबेलवाला और चंडी घाट जैसे कुंभ मेला आरक्षित क्षेत्रों में अतिक्रमण हटाने पर ज़ोर दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सख्त निर्देश के बाद प्रशासन ने यह अभियान तेज़ किया है।
डेमोग्राफी बदलाव और सुरक्षा की चिंता
अवैध अतिक्रमणों की वजह से न केवल कुंभ की तैयारियों में बाधा आ रही थी, बल्कि हरिद्वार ऋषिकेश कॉरिडोर के विकास कार्य भी प्रभावित हो रहे थे। इसके अलावा, अवैध कब्जों और बाहरी लोगों के बड़ी संख्या में बसने से ‘डेमोग्राफी बदलाव’ और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी चिंताएँ बढ़ गई थीं।
प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध निर्माण, चाहे वह अस्थायी हो या स्थायी, बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिन अतिक्रमणकारियों को नोटिस जारी किए गए थे, उनके खिलाफ अब बुलडोजर (पीला पंजा) से सख्ती बरती जा रही है।





