रिपोर्ट: देवेंद्र जायसवाल, एडिट- विजय नंदन
इंदौर/महू: देश के दिल इंदौर के पास महू क्षेत्र में सोमवार दोपहर वन विभाग की रालामंडल रेस्क्यू टीम ने एक चुनौतीपूर्ण ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। दतोदा हरसोला रोड के पास तीखी पहाड़ी पर, लगभग 5-6 साल की एक मादा तेंदुआ क्लच वायर की बाड़ में फँसी हुई पाई गई, जिसके बाद वन विभाग हरकत में आया। यह घटना दोपहर लगभग 12:30 बजे सामने आई। सूचना मिलते ही महू और इंदौर के वन अधिकारियों के साथ रालामंडल रेस्क्यू टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुँची। घनी झाड़ियों के बीच लोहे के क्लच वायर की बाड़ में फँसा हुआ तेंदुआ घायल और परेशान नज़र आ रहा था।

घंटों की मशक्कत के बाद किया गया ट्रैंक्विलाइज़
तेंदुए को बाड़ से सुरक्षित निकालना एक मुश्किल ऑपरेशन था। रेस्क्यू टीम को यह सुनिश्चित करना था कि तेंदुए को कोई अतिरिक्त चोट न पहुँचे और न ही वह घबराकर हमला करे।
घंटों की मशक्कत के बाद, विशेषज्ञ टीम ने जाल और अन्य उपकरणों का उपयोग किया और अंततः मादा तेंदुए को ट्रैंक्विलाइज़ (बेहोश करने का इंजेक्शन) करके सुरक्षित रूप से काबू में किया।

वन अधिकारी बताया कि हमें सूचना मिली कि एक तेंदुआ क्लच वायर की बाड़ में फँसा है। यह 5-6 साल की मादा है। ऑपरेशन थोड़ा मुश्किल था, लेकिन हमने सफलतापूर्वक इसे रेस्क्यू कर लिया है। इसके पिछले पैर में थोड़ी चोट और सूजन है, इसलिए हमने इसे तुरंत मेडिकल ट्रीटमेंट के लिए चिड़ियाघर भेजने का फैसला किया है।”
उपचार के लिए इंदौर ज़ू भेजा गया
सफल रेस्क्यू के बाद, टीम ने राहत की साँस ली। पिंजरे में बंद तेंदुए को अब चिकित्सीय परीक्षण और उपचार के लिए इंदौर चिड़ियाघर (Zoo) ले जाया गया है। वन विभाग की टीम की तत्परता और विशेषज्ञता के कारण ही इस वन्यजीव की जान बचाई जा सकी। उम्मीद है कि उचित उपचार के बाद यह तेंदुआ जल्द ही स्वस्थ होकर अपने प्राकृतिक आवास में वापस लौट पाएगा।





