संस्थान: ज्योतिष मठ संस्थान, भोपाल
पंचांगकार: पंडित विनोद गौतम
भोपाल: धनतेरस की पावन रात्रि इस वर्ष खास खगोलीय योग लेकर आ रही है। ज्योतिष मठ संस्थान, भोपाल के पंचांगकार पंडित विनोद गौतम के अनुसार रविवार, रात्रि 11:50 बजे गुरु ग्रह मिथुन राशि से कर्क राशि में प्रवेश करेंगे। गुरु के इस राशि परिवर्तन से मौसम, व्यापार और धर्म-कर्म तीनों क्षेत्रों पर गहरा प्रभाव पड़ेगा।
गुरु के राशि परिवर्तन से बनेगा बारिश का योग
पंडित गौतम ने बताया कि गुरु ग्रह जब व्यापारिक राशि मिथुन को छोड़कर चंद्र प्रधान राशि कर्क में प्रवेश करेंगे, तो इसका सीधा असर मौसम पर दिखाई देगा। कर्क जलीय तत्व प्रधान राशि है, इसलिए आगामी एक सप्ताह तक रुक-रुक कर बारिश के योग बनेंगे। उन्होंने कहा कि इस वर्ष ठंड का असर सामान्य से कम रहेगा, अतः लोगों को अत्यधिक ठंड से घबराने की आवश्यकता नहीं है।

सोने-चांदी और व्यापार पर पड़ेगा प्रभाव
गुरु के व्यापारिक राशि से निकलने के कारण व्यापार जगत में असमंजस की स्थिति बन सकती है। विशेष रूप से पीली धातु (सोना) में कीमतों में वृद्धि के संकेत हैं। वहीं, टेक्नोलॉजी और शिक्षा के क्षेत्र में यह राशि परिवर्तन अत्यंत शुभ और प्रगतिकारी रहेगा।
धर्म-कर्म और अध्यात्म के क्षेत्र में वृद्धि
पंडित गौतम ने बताया कि गुरु का कर्क राशि में आगमन धर्म, अध्यात्म और कर्म के लिए बेहद शुभ है। इस अवधि में धार्मिक अनुष्ठान, दान-पुण्य और अध्यात्म से जुड़े कार्यों में विशेष सफलता मिलेगी।

धनतेरस: राशियों पर प्रभाव
- गुरु के राशि परिवर्तन से सभी राशियों पर कुछ न कुछ असर अवश्य पड़ेगा —
- मेष: पदोन्नति के योग, दूरस्थ यात्रा संभव, घरेलू चिंता रहेगी
- वृषभ: मित्र मिलन, यात्रा और विवाद की स्थिति
- मिथुन: व्यर्थ खर्च, नया विचार, मानसिक तनाव
- कर्क: सफलता मिलेगी, मित्रों से मुलाकात, यात्रा कष्टकारी
- सिंह: साझेदारी में विवाद और तनाव
- कन्या: लाभ के साथ मित्रों में मतभेद, चिंता
- तुला: अतिथि आगमन, घरेलू मतभेद
- वृश्चिक: वाहन लाभ और शुभ समाचार
- धनु: पदोन्नति, लाभ, यात्रा और मित्र सुख
- मकर: मित्र मिलन, सफलता और भाई का सहयोग
- कुंभ: तीर्थ यात्रा, मित्र लाभ और यश प्राप्ति
- मीन: पारिवारिक मतभेद और स्थान परिवर्तन के योग
कब तक रहेगा प्रभाव
गुरु लगभग एक वर्ष तक कर्क राशि में भ्रमणरत रहेंगे। इस दौरान देशभर में मौसम में बदलाव, धार्मिक गतिविधियों में वृद्धि और कुछ क्षेत्रों में आर्थिक उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकते हैं।





