BY: MOHIT JAIN
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अब सिर्फ टेक्नोलॉजी और बिजनेस तक सीमित नहीं रहा। सरकारें भी पारदर्शिता बढ़ाने और भ्रष्टाचार कम करने के लिए इसका इस्तेमाल करने लगी हैं। इसी दिशा में अल्बानिया ने दुनिया की पहली AI मंत्री ‘डिएला’ को नियुक्त कर इतिहास रच दिया है।
प्रधानमंत्री एडी रामा ने बताया कि डिएला वर्चुअल कैबिनेट सदस्य होंगी। वह शारीरिक रूप से मौजूद नहीं, बल्कि एक AI-जनरेटेड बॉट हैं, जिसका मुख्य काम सरकारी ठेकों को 100% करप्शन-फ्री बनाना और सिस्टम में पारदर्शिता लाना है।
कौन हैं ‘डिएला’?
- डिएला का मतलब अल्बानियाई भाषा में “सूर्य” होता है।
- जनवरी 2025 में इन्हें सबसे पहले ई-अल्बानिया प्लेटफॉर्म पर AI-ऑपरेटेड डिजिटल असिस्टेंट के रूप में लॉन्च किया गया था।
- यह प्लेटफॉर्म नागरिकों को दस्तावेज़ और सरकारी सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराता है।
- पारंपरिक अल्बानियाई पोशाक में दिखने वाली डिएला ने अब तक 36,600 डिजिटल डॉक्यूमेंट जारी करने में मदद की और लगभग 1,000 सेवाएं प्रदान की हैं।
भ्रष्टाचार से जूझ रहा है अल्बानिया
अल्बानिया लंबे समय से सरकारी ठेकों में भ्रष्टाचार और अंतरराष्ट्रीय अपराधों के आरोपों से घिरा रहा है। ड्रग्स व हथियारों की तस्करी से जुड़े अपराधियों के लिए यह देश एक बड़ा ठिकाना माना जाता है। यही वजह है कि सरकार ने डिएला को जिम्मेदारी देकर पारदर्शिता की दिशा में बड़ा संदेश दिया है।
क्या संविधान में AI मंत्री का प्रावधान है?
राष्ट्रपति बाजराम बेगाज ने प्रधानमंत्री रामा को नई सरकार बनाने का काम सौंपा है। मीडिया के सवाल पर राष्ट्रपति ने सीधे जवाब नहीं दिया कि AI मंत्री की नियुक्ति संविधान के खिलाफ है या नहीं।
रामा की सोशलिस्ट पार्टी ने हाल ही के चुनाव में 140 में से 83 सीटें जीतकर लगातार चौथी बार सत्ता संभाली है। हालांकि, संविधान में बदलाव के लिए 93 सीटें जरूरी होती हैं।
EU सदस्यता की तैयारी
अल्बानिया की सोशलिस्ट पार्टी का दावा है कि वह अगले पांच साल में देश को यूरोपीय संघ (EU) की सदस्यता दिला सकती है। 2027 तक बातचीत पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है। विपक्षी दलों का मानना है कि देश अभी इसके लिए तैयार नहीं है।
भ्रष्टाचार और संगठित अपराध पर काबू पाना ही अल्बानिया की EU सदस्यता के लिए सबसे बड़ी शर्त है। डिएला की नियुक्ति को इसी दिशा में उठाया गया अहम कदम माना जा रहा है।
अल्बानिया ने AI मंत्री ‘डिएला’ को वर्चुअली नियुक्त कर सरकारी ठेकों में पारदर्शिता लाने और भ्रष्टाचार खत्म करने की नई शुरुआत की है। यह कदम न केवल तकनीकी दृष्टि से ऐतिहासिक है, बल्कि देश के यूरोपीय संघ में शामिल होने के प्रयासों के लिए भी अहम साबित हो सकता है।





