Vikramotsav2026 : 139 दिनों तक होंगी 41 से अधिक बहुआयामी सांस्कृतिक, सामाजिक, आध्यात्मिक गतिविधियाँ
Vikramotsav2026 : सम्राट विक्रमादित्य पर एनीमेशन और रियल शूट फिल्म निर्माण की भी योजना, OTT प्लेटफॉम पर होगी रिलीज
Vikramotsav2026 : भोपाल/उज्जैन, भारत की प्राचीन सांस्कृतिक चेतना, सनातन परंपरा और विक्रम संवत की गौरवशाली विरासत को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने वाला विक्रमोत्सव 2026 इस वर्ष 12 फरवरी से 30 जून तक मध्य प्रदेश के विभिन्न आध्यात्मिक और सांस्कृतिक शहरों, देश और दुनिया के विभिन्न शहरों में आयोजित किया जा रहा है। 139 दिनों तक चलने वाला यह महोत्सव सांस्कृतिक, सामाजिक, आध्यात्मिक और आर्थिक गतिविधियों का एक अद्वितीय संगम होगा। इसका औपचारिक शुभारंभ महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर 15 फरवरी को सुप्रसिद्ध संगीतकार प्रीतम की शिव आराधना “शिवोऽहम महादेव” से होगा।

Vikramotsav2026 : महाशिवरात्रि से सृष्टि निर्माण दिवस तक सांस्कृतिक यात्रा
ये जानकारी संस्कृति विभाग के अपर मुख्य सचिव शिवशेखर शुक्ला द्वारा प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए दी। इस अवसर पर संस्कृति संचालनालय के संचालक एन. पी. नामदेव, माननीय मुख्यमंत्रीजी के संस्कृति सलाहकार एवं महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ के निदेशक श्रीराम तिवारी, मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के महानिदेशक डॉ. अनिल कोठारी एवं दत्तोपंत ठेंगडी शोध संस्थान के निदेशक डॉ. मुकेश मिश्रा उपस्थित थे।

Vikramotsav2026 : 41 से अधिक बहुआयामी गतिविधियाँ, 4000 से अधिक कलाकार
विक्रमोत्सव के अंतर्गत 41 से अधिक बहुआयामी गतिविधियाँ आयोजित की जाएंगी, जिनमें देश-विदेश से आए 4000 से अधिक कलाकार अपनी प्रस्तुतियाँ देंगे। इनमें शिवरात्रि मेले, महाकाल वन मेला, कृषि मेला, कलश यात्रा, विक्रम व्यापार मेला, संगीत-नृत्य-वादन, शिवपुराण, विक्रम नाट्य समारोह, पुतुल समारोह, संगोष्ठियाँ, चित्र प्रदर्शनियाँ और ड्रोन शो शामिल हैं।
Vikramotsav2026 : महाकाल वन मेला: आयुर्वेद और प्रकृति का संगम
12 से 16 फरवरी तक उज्जैन के दशहरा मैदान में आयोजित महाकाल वन मेला विशेष आकर्षण रहेगा। यहाँ हर्बल उत्पादों की प्रदर्शनी, पारंपरिक औषधीय ज्ञान का प्रदर्शन, आयुर्वेदिक डॉक्टरों द्वारा निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

Vikramotsav2026 : प्रदेश के 60 से अधिक शिव मंदिरों में देव महादेव पर्व
महाशिवरात्रि के अवसर पर “देव महादेव पर्व” के तहत मध्यप्रदेश के 60 से अधिक प्रमुख शिव मंदिरों में मेलों का आयोजन किया जाएगा। मंदिरों की भव्य सजावट, स्वच्छता अभियान और सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र होंगी।
Vikramotsav2026 : विक्रम नाट्य समारोह और पुतुल उत्सव
राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय सहित प्रतिष्ठित रंगमंच संस्थानों की प्रस्तुतियों से सुसज्जित विक्रम नाट्य समारोह में अभिज्ञान शाकुंतलम्, चारूदत्तम्, अंधायुग जैसी कालजयी कृतियों का मंचन होगा। वहीं 25 से 28 फरवरी तक आयोजित पुतुल समारोह में भारत की विविध कठपुतली शैलियों के माध्यम से पौराणिक कथाएँ जीवंत होंगी।
Vikramotsav2026 : अंतरराष्ट्रीय पौराणिक फिल्म महोत्सव
13 से 17 मार्च 2026 तक उज्जैन में आयोजित अंतरराष्ट्रीय पौराणिक फिल्म महोत्सव में 25 से अधिक देशों की फिल्मों का प्रदर्शन होगा। महाभारत और भारतीय पौराणिक विषयों पर आधारित फिल्में इस आयोजन की विशेष पहचान रहेंगी।

Vikramotsav2026 : सम्राट विक्रमादित्य के जीवन एनीमेशन और रियल शूट फिल्म निर्माण की योजना
स्वदेश न्यूज के सवाल का जवाब देते हुए संस्कृति विभाग के अपर मुख्य सचिव शिवशेखर शुक्ला ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा अनुरूप आने वाले दिनों में सम्राट विक्रमादित्य के योगदान और अवदान को जन सामान्य तक वृहद स्तर तक पहुंचाने एनीमेशन फिल्म और रियल शूट फिल्म बनाने की योजना है। ये फिल्में डिजिटल प्लेटफॉर्म पर OTT पर प्रसारित की जाएगी, मुख्यमंत्री की मंशा अनुरूप एनीमेशन फिल्म निर्माण में डिजिटल टैक्नोलॉजी (AI) के इस्तेमाल करने की भी योजना है।
Vikramotsav2026 : सम्राट विक्रमादित्य अंतरराष्ट्रीय अलंकरण; ₹1 करोड़ 1 लाख का अंतरराष्ट्रीय सम्मान दिया जाएगा
विक्रमोत्सव 2026 न केवल उज्जैन बल्कि पूरे भारत की सांस्कृतिक आत्मा को वैश्विक पहचान दिलाने वाला आयोजन है, जो परंपरा, नवाचार और जनभागीदारी का जीवंत उदाहरण बनेगा। महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ ने ऐसे युग निर्माता गणनायक की स्मृति को सुरक्षित रखने तथा उनके शौर्य, औदार्य, न्यायप्रियता तथा धर्म एवं प्रजावत्सल गुणों को समाज में पुनःस्थापित करने की दृष्टि से राशि रूपये 1 करोड़ 1 लाख का अंतरराष्ट्रीय सम्मान स्थापित किया गया है। यह देश का सबसे बड़ा सम्मान होने जा रहा है। इसके अलावा सम्राट विक्रमादित्य के नाम से 21 लाख रूपये का एक राष्ट्रीय सम्मान एवं 5-5 लाख रुपये राशि के तीन राज्य स्तरीय सम्मान स्थापित किये हैं।

