BY: Yoganand Shrivastva
Unnao news: उत्तर प्रदेश के उन्नाव निवासी यूट्यूबर अनुराग द्विवेदी प्रवर्तन निदेशालय की जांच के घेरे में आ गए हैं। ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कार्रवाई करते हुए उनकी लैंबॉर्गिनी, बीएमडब्ल्यू, मर्सिडीज और थार समेत कई महंगी गाड़ियों को जब्त किया है। जब्त की गई कारों की कुल कीमत करीब दस करोड़ रुपये आंकी जा रही है।
बैंक खाते सीज, लेनदेन की जांच शुरू
ईडी ने अनुराग और उनके परिजनों के सभी बैंक खातों को सीज कर दिया है। खातों से हुए लेनदेन की गहन जांच की जा रही है। एजेंसी की यह कार्रवाई धनशोधन निवारण अधिनियम के तहत की गई है। बताया जा रहा है कि 22 नवंबर को दुबई में क्रूज पर हुई शादी के बाद से ही अनुराग जांच एजेंसियों के रडार पर थे।
उन्नाव और लखनऊ में छापेमारी
17 दिसंबर को ईडी ने अनुराग से जुड़े उन्नाव और लखनऊ के कुल नौ ठिकानों पर छापे मारे। करीब बारह घंटे तक चली इस कार्रवाई में कई अहम दस्तावेज और डिजिटल उपकरण खंगाले गए। शुरुआती जांच में क्रिकेट सट्टेबाजी, हवाला नेटवर्क और ऑनलाइन टिपिंग के जरिए बड़ी कमाई के संकेत मिले हैं। आरोप है कि इस धन का इस्तेमाल दुबई समेत विदेशों में निवेश के लिए किया गया।
कभी साइकिल, आज करोड़ों की गाड़ियां
कभी साइकिल से चलने वाले अनुराग द्विवेदी आज करोड़ों की संपत्ति के मालिक बताए जा रहे हैं। उनके पास कई लग्जरी कारें हैं और दुबई में अचल संपत्तियां होने की भी चर्चा है। दुबई में हुई भव्य शादी और रिश्तेदारों पर किया गया भारी खर्च भी जांच का आधार बना।
सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया
ईडी की कार्रवाई के बाद अनुराग ने सोशल मीडिया पर बिना किसी एजेंसी का नाम लिए तंज कसते हुए लिखा कि उन्होंने ईमानदारी से टैक्स दिया, लेकिन आज वही लोग उनके खिलाफ खड़े हैं। उन्होंने इसे संघर्षों से भरे सफर का हिस्सा बताया।
कमाई के स्रोत जांच के दायरे में
जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि ड्रीम-इलेवन और अन्य फैंटेसी क्रिकेट प्लेटफॉर्म से होने वाली कमाई के अलावा कहीं अवैध सट्टेबाजी और ऑनलाइन बैटिंग ऐप्स से तो पैसा नहीं आया। साथ ही यह भी जांच हो रही है कि क्या इस धन को अवैध तरीके से विदेश भेजा गया और फिर वैध रूप में वापस लाया गया।
करीबी लोग भी रडार पर
ईडी की जांच अब अनुराग के करीबी सहयोगियों तक भी पहुंच गई है। जमीन खरीद, लखनऊ के पॉश इलाके में फ्लैट और अन्य संपत्तियों के सौदों की जानकारी जुटाई जा रही है। आने वाले दिनों में अनुराग और उनके सहयोगियों से पूछताछ की संभावना जताई जा रही है।
गांव से यूट्यूब तक का सफर
अनुराग द्विवेदी के पिता ग्राम प्रधान रह चुके हैं। अनुराग ने ग्रेजुएशन तक पढ़ाई की और शुरुआती दिनों में गांव में ही रहते थे। बाद में दिल्ली जाकर यूट्यूब और फैंटेसी क्रिकेट की दुनिया में कदम रखा। सोशल मीडिया पर उनकी बड़ी फैन फॉलोइंग है, जिसने उनकी पहचान और कमाई दोनों को तेजी से बढ़ाया।





