संचालक समेत छह पर गैर इरादतन हत्या का केस, चार गिरफ्तार
BY: Yoganand Shrivastava
Ujjain news: उज्जैन के मंगलनाथ रोड स्थित एक नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती युवक की कथित रूप से बेरहमी से पिटाई की गई, जिससे उसकी मौत हो गई। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट सामने आने के बाद पुलिस ने केंद्र संचालक सहित छह लोगों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया है। इस प्रकरण में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
इलाज के नाम पर की गई प्रताड़ना
शंकरपुर निवासी 41 वर्षीय हरीश निर्मल को नशे की लत के चलते परिजनों ने केंद्र में भर्ती कराया था। 12 और 13 दिसंबर की दरमियानी रात केंद्र के स्टाफ ने परिजनों को फोन कर उसकी तबीयत बिगड़ने की सूचना दी और अस्पताल में भर्ती कराने की बात कही। जब परिजन अस्पताल पहुंचे, तब तक हरीश की मौत हो चुकी थी।
शरीर पर चोटों के निशान देख भड़के परिजन
मौत के अगले दिन शव को अंतिम संस्कार के लिए घर लाया गया। इस दौरान हरीश के शरीर पर गंभीर चोटों के निशान दिखे, जिससे परिजनों को संदेह हुआ। उन्होंने तत्काल पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद शव का पोस्टमॉर्टम कराया गया।
पोस्टमॉर्टम में टॉर्चर की पुष्टि
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि हरीश के साथ थर्ड डिग्री प्रताड़ना की गई थी। रिपोर्ट के अनुसार, मारपीट के कारण उसके अंदरूनी अंग क्षतिग्रस्त हो गए थे। आंतरिक रक्तस्राव के चलते उसकी जान चली गई।
जबर्दस्ती दवा पिलाने के दौरान हुई मारपीट
पुलिस जांच और पूछताछ में सामने आया कि हरीश को जबरन दवा पिलाने की कोशिश की जा रही थी। इस दौरान चार लोगों ने उसके हाथ-पैर पकड़ रखे थे। एक व्यक्ति उसके पेट और छाती पर घुटनों के बल बैठ गया, जबकि एक अन्य आरोपी ने डंडे से मारपीट की।
लीवर फटने से हुई मौत
जांच में यह स्पष्ट हुआ कि छाती और पेट पर लगातार दबाव के कारण हरीश का लीवर फट गया, जिससे उसकी मौत हो गई। इस बात की पुष्टि गार्ड और केंद्र में भर्ती दो अन्य मरीजों ने अपने बयानों में की है।
चार आरोपी गिरफ्तार, संचालक फरार
पुलिस ने केंद्र के दो गार्ड और मारपीट में शामिल दो मरीजों को हिरासत में लेकर गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, नशा मुक्ति केंद्र का संचालक और एक अन्य आरोपी फिलहाल फरार हैं। पुलिस का कहना है कि दोनों की तलाश जारी है और जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार किया जाएगा।





