Trump-Modi-Call : रिपोर्ट्स में दावा, ईरान भी अमेरिका से बातचीत को तैयार
by: vijay nandan
trump-modi-call : नई दिल्ली, मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump और भारत के प्रधानमंत्री Narendra Modi के बीच फोन पर बातचीत हुई। यह जानकारी भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X के जरिए दी। बातचीत के दौरान दोनों नेताओं ने क्षेत्र की मौजूदा स्थिति पर चर्चा की और खास तौर पर Strait of Hormuz को खुला बनाए रखने की अहमियत पर जोर दिया। पीएम मोदी ने भी कहा कि भारत क्षेत्र में तनाव कम करने और जल्द शांति स्थापित करने के पक्ष में है।
trump-modi-call : ईरान-अमेरिका वार्ता को लेकर अटकलें
इसी बीच कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि ईरान के शीर्ष नेतृत्व की ओर से अमेरिका के साथ बातचीत के संकेत मिले हैं। खबरों के मुताबिक, ईरान के सुप्रीम लीडर से जुड़े मुजतबा खामेनेई ने शर्तों के साथ वार्ता के लिए सहमति दी है। हालांकि, इस पर अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
trump-modi-call : हमले टालने का फैसला
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने हालिया बातचीत के बाद ईरान के ऊर्जा ढांचे पर संभावित हमलों को पांच दिनों के लिए टालने का ऐलान किया है। बताया जा रहा है कि दोनों पक्षों के बीच कई मुद्दों पर सहमति बनी है, लेकिन इनकी पूरी जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। वहीं, ईरान के विदेश मंत्रालय ने अमेरिका के साथ किसी भी औपचारिक बातचीत से इनकार किया है। दूसरी ओर, Pakistan, मिस्र और तुर्किये जैसे देश इस मामले में मध्यस्थता की कोशिश कर रहे हैं।

trump-modi-call : युद्ध में अब तक 2600 से ज्यादा मौतें
तनाव के बीच ईरान ने अपने मिसाइल सिस्टम से जुड़ा एक वीडियो जारी किया है, जिसमें भूमिगत ठिकानों की झलक दिखाई गई। वहीं, इजराइल ने लेबनान में एक अहम पुल को निशाना बनाकर उसे नष्ट कर दिया, जिससे क्षेत्रीय कनेक्टिविटी प्रभावित हुई है। मध्य पूर्व के मौजूदा संघर्ष में 2,000 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जिसमें ईरान में 1500 से ज्यादा मौत 1800 से ज्यादा घायल और लेबनान में कम से कम 850 मौतें शामिल हैं। वहीं, तनाव के बीच सऊदी अरब, कुवैत और बहरीन सहित खाड़ी देशों की कम से कम चार बड़ी तेल रिफाइनरियों (जैसे- बहरीन की बापको) को निशाना बनाया गया है।
तेल रिफाइनरियों पर हमला: ईरान ने बदले की कार्रवाई में सऊदी, कुवैत और बहरीन की रिफाइनरियों (जैसे- मीना अब्दुल्ला, सामरेफ, बापको) को निशाना बनाया, जिससे तेल उत्पादन प्रभावित हुआ। ऊर्जा संकट: इन हमलों के कारण दुनिया भर में गंभीर ऊर्जा संकट पैदा हो गया है और होर्मुज जलडमरूमध्य से सप्लाई बाधित हुई है.

