BY: Yoganand Shrivastva
दिल्ली: लाल किले के पास हुए कार धमाके की जांच जारी है, वहीं कांग्रेस नेता और पूर्व गृह मंत्री पी. चिदंबरम के बयान ने राजनीतिक हलचल तेज कर दी है। उन्होंने कहा कि “आतंकवादी दो तरह के होते हैं — एक जो विदेश से प्रशिक्षित होकर आते हैं और दूसरे जो देश के भीतर ही पनपते हैं।”
घरेलू आतंकवाद पर उठाया सवाल
चिदंबरम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि वे पहले भी कई मौकों पर “घरेलू आतंकवाद” की बात कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि पहलगाम हमले के समय और संसद में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर चर्चा के दौरान भी उन्होंने यही मुद्दा उठाया था, लेकिन तब उनका मजाक उड़ाया गया और उन्हें ट्रोल किया गया।
“सरकार घरेलू आतंकवाद पर चुप क्यों है?”
पूर्व गृह मंत्री ने कहा कि सरकार इस विषय पर चुप है क्योंकि उसे भी यह पता है कि देश के भीतर ऐसे लोग मौजूद हैं जो आतंक की राह पर जा रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया — “हमें यह समझना होगा कि आखिर वे कौन-सी परिस्थितियां हैं, जिनसे भारतीय नागरिक, खासकर शिक्षित लोग, आतंकवादी बनने की ओर बढ़ जाते हैं?”
केंद्र सरकार ने घटना को बताया आतंकी हमला
इससे पहले केंद्र सरकार ने लाल किले के पास हुए कार ब्लास्ट को आतंकवादी साजिश करार दिया था। 12 नवंबर को केंद्रीय कैबिनेट ने प्रस्ताव पारित कर कहा कि “देश-विरोधी ताकतों” ने यह जघन्य हमला अंजाम दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कैबिनेट की सुरक्षा समिति की बैठक में घटना की समीक्षा की और जांच एजेंसियों को दोषियों की पहचान कर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
CCTV में सामने आया धमाके का दृश्य
जांच में सामने आया है कि लाल किले के पास धमाका उमर नबी नामक व्यक्ति ने किया था। CCTV फुटेज में धमाके से पहले का दृश्य स्पष्ट रूप से दिख रहा है, जिसमें आरोपी विस्फोटक से भरी कार के पास नजर आता है।





