भैया, ना खुशियाँ खरीद पाया, ना ग़मों का ठेला खोल पाया, फिर भी हर सुबह “सेल” लगा कर कमाने निकल…
Hasya Hathauda : भैया, देश में एक नया राष्ट्रीय खेल चल रहा है, मुनाफाखोरी यानि आम आदमी से खूब मुनाफा…
Hasya Hathauda : भैया, हम कुछ भी खरीदें तो पूछें इंपोर्टेड है क्या? ये बात थी 47-50 की, अब 2026…
Hasya Hathauda : भैया, महंगाई डायन खाय जात है, अब सिर्फ गाने में नहीं, आम आदमी की थाली में बैठ…
Hasya Hathauda 09 भैया, अमेरिका आर्थिक रूप से जितना विकसित है, उतना ही नागरिक बोध यानी सिविक सेंस के मामले…
Hasya Hathauda 08 : आज का हास्य हथौड़ा कॉन्वेंट स्कूल मानसिकता पर, 'इंपोर्टेड है', अगले कॉलम में पढ़िए..भैया, अंग्रेजों की…
Hasya Hathauda : मैं गौ माता हूं, मुझे मेरी नहीं हम सबकी चिंता है, इसलिए मैं की जगह हम शब्द…
Hasya Hathauda : भैया, एक दिन अहंकार और अभिमान चाय की दुकान पर बैठे थे। अहंकार ने चाय का पहला…
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