by: vijay nandan
मुम्बई: अभिनेत्री स्वरा भास्कर अपनी शानदार अदाकारी और बेबाक भूमिकाओं के लिए जानी जाती हैं। उन्होंने कई गंभीर और सामाजिक विषयों पर आधारित फिल्मों में काम किया है। लेकिन उनकी एक वेब सीरीज ऐसी भी है, जिसे परिवार के साथ देखने से पहले आपको थोड़ा सोचना पड़ेगा नाम है ‘रसभरी’।
बोल्डनेस और व्यंग्य का मेल
अमेजन प्राइम वीडियो पर साल 2020 में रिलीज हुई ‘रसभरी’ अपने बोल्ड कंटेंट और अनोखी कहानी के कारण खूब चर्चा में रही। इस सीरीज में समाज में फैली दोहरी सोच और महिला स्वतंत्रता पर तीखा व्यंग्य किया गया है।

स्वरा का डबल रोल
- सीरीज में स्वरा भास्कर दो किरदार निभाती हैं
- शालीन इंग्लिश टीचर शानू भौमिक
- रहस्यमयी रसभरी, जो लोगों के मन में रोमांच और जिज्ञासा जगाती है।
कहानी मेरठ की गलियों में घूमती है, जहां किशोर नंद किशोर त्यागी (आयुष्मान सक्सेना) नई इंग्लिश टीचर से प्रभावित हो जाता है। लेकिन जल्द ही शहर में यह अफवाह फैल जाती है कि शानू के अंदर “रसभरी” नाम की आत्मा रहती है, जो पुरुषों को अपने वश में कर लेती है। जैसे-जैसे कहानी आगे बढ़ती है, यह साफ होता है कि असली “भूत” किसी आत्मा का नहीं, बल्कि समाज की मानसिकता का है, जो एक आत्मविश्वासी महिला को भी चरित्र के तराजू पर तोलने लगता है।
निर्देशक नंदिता मेहरोत्रा और आनंद तिवारी ने इस कहानी को बेहद सादगी और देसी अंदाज में पेश किया है। सीरीज हंसाती भी है और सोचने पर मजबूर भी करती है। स्वरा के अलावा इसमें रश्मि अगडेकर, सनी हिंदुजा, चितरांश गुप्ता, नीता वैद्य और प्रदीप धर अहम भूमिकाओं में हैं। स्वरा ने शानू और रसभरी के किरदारों में ऐसा अंतर दिखाया है कि दोनों पूरी तरह अलग व्यक्तित्व लगते हैं। ‘रसभरी’ में 8 एपिसोड हैं, हर एक करीब 20–25 मिनट का। कहानी में हास्य, व्यंग्य और रोमांस के बीच समाज की सोच को आईना दिखाने की कोशिश की गई है।

परिवार के साथ देखेंगे तो असहज हो सकते हैं
हालांकि, इस सीरीज में कई बोल्ड सीन और डायलॉग्स हैं, जो परिवार के साथ देखने पर असहज कर सकते हैं। स्वरा भास्कर का प्रदर्शन शानदार है, लेकिन अगर आप इसे देखने का सोच रहे हैं, तो बेहतर होगा कि अकेले में देखें।





