by: vijay nandan
swadesh ajenda : पश्चिम एशिया में जारी जंग का असर अब दुनिया के कई देशों पर साफ दिखने लगा है… कहीं ऊर्जा संकट है, तो कहीं आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है। भारत में भी तेल और गैस को लेकर कुछ जगहों पर संकट और अफवाहें सामने आई हैं…लेकिन इन सबके बीच सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है क्या देश में फिर से लॉकडाउन जैसे हालात बन सकते हैं? तो आपको बता दें…
केंद्र सरकार ने इन सभी अटकलों को सिरे से खारिज कर दिया है। सरकार का साफ कहना है कि भारत में लॉकडाउन नहीं लगेगा और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। साथ ही आम जनता को राहत देने के लिए पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में भी बड़ी कटौती की गई है…पीएम मोदी ने मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक ही है..केंद्र सरकार की सतर्कता, खाड़ी युद्ध संकट, आशंकाएं, अफवाहें और हालातों को लेकर जानिए पूरी खबर…
पश्चिम एशिया में जारी जंग का असर दुनियाभर के देशों में दिख रहा है। कई देश ऐसे हैं जहां ऊर्जा संकट से आम जनजीवन बुरी तरह से प्रभावित हो चुका है, हालांकि भारत में अभी इतने गंभीर हालात नहीं है। कहीं-कहीं तेल और एलपीजी गैस संकट की खबरें सामने आई हैं। इसे लेकर सरकार और प्रशासन जरूरी कदम उठा रहे हैं। मगर ईरान के साथ इजरायल-अमेरिका का युद्ध ज्यादा लंबा खिंचता है तो कुछ मुश्किलें सामने आ सकती हैं।
ऐसे में सवाल उठने लगे हैं कि देश में लॉकडाउन जैसे हालात हो सकते हैं। लेकिन केंद्र की मोदी सरकार ने इन आशकाओं और अफवाहों को सिरे से खारिज कर दिया है। सरकार ने दो टूक कहा कि देश में लॉकडाउन नहीं लगेगा। प्रधानमंत्री ने साफ कहा था कि पैनिक नहीं होना है, पूरी स्थिति कंट्रोल में हैं। ऐसे में लॉकडाउन की अटकलों को सरकार ने बेबुनियाद बताया है। दरअसल देश में लॉकडाउन की अफवाहें प्रधानमंत्री मोदी के 4 दिन पहले संसद में दिए गए बयान के बाद शुरू हुईं थी। लेकिन अब सरकार के मंत्रियों ने इसे पूरी तरह से नकार दिया है।
swadesh ajenda : देश में तेल-गैस का पर्याप्त भंडार
इस संकट के समय केंद्र सरकार ने एक और बड़ा फैसला लिया है.. पेट्रोलियम मंत्रालय ने देश को बताया कि सभी रिफाइनरी 100 फीसदी कैपेसिटी से काम कर रही हैं। देश में LPG प्रोडक्शन 40% बढ़ा है। केंद्र सरकार ने आम आदमी पर बोझ न पड़े, इसिलए पेट्रोल-डीजल की कीमतें न बढ़े, इसके लिए शुक्रवार को बड़ा फैसला लिया। सरकार ने पेट्रोल डीजल पर एक्साइज ड्यूटी 10-10 रुपए घटा दी है।
swadesh ajenda : केंद्र सरकार तैयार, जनता को राहत अपार
- पेट्रोल डीजल पर एक्साइज ड्यूटी
- पेट्रोल
पहले- ₹13
अब- ₹3 - डीजल
पहले- ₹10
अब- 0
swadesh ajenda : पेट्रोलियम मंत्रालय की 4 बड़ी बातें
- कीमतें बढ़ीं, सप्लाई प्रभावित
- भारत के पास पर्याप्त स्टॉक
- रेस्टोरेंट, ढाबों को प्राथमिकता दी गई
- अफवाहों से पंपों पर भीड़
- कीमतें बढ़ीं, सप्लाई प्रभावित: पश्चिम एशिया के संघर्ष से क्रूड ऑयल और पेट्रोलियम उत्पाद महंगे हुए, सप्लाई चेन पर असर पड़ा।
- भारत के पास पर्याप्त स्टॉक: देश में अगले 2 महीनों के लिए कच्चा तेल उपलब्ध है। LPG, LNG और PNG की सप्लाई भी पहले की तरह जारी है।
- रेस्टोरेंट, ढाबों को प्राथमिकता दी गई: सरकार ने पहले कॉमर्शियल सप्लाई घटाई, फिर धीरे-धीरे बढ़ाकर अब 70% तक कर दी। 14 मार्च से अब तक 30,000 टन LPG सप्लाई की गई। रेस्टोरेंट, ढाबों को प्राथमिकता दी गई है।
- अफवाहों से पंपों पर भीड़: कुछ जगहों पर लंबी कतारें दिखीं, लेकिन सरकार ने साफ किया है कि देश में पेट्रोल-डीजल या गैस की कोई कमी नहीं है।
swadesh ajenda : इस संकट के निपटने केंद्र सरकार ने पश्चिम एशिया संघर्ष पर नजर रखने के लिए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली केंद्रीय मंत्रियों की कमेटी का गठन किया है। शुक्रवार शाम को प्राइम मिनिस्टर मोदी ने पश्चिम एशिया के हालात पर सभी मुख्यमंत्रियों से चर्चा की..
विपक्ष ने केंद्र सरकार के एक्साइज ड्यूटी घटाने और देश में तेल गैस के भंडारण को लेकर सवाल उठाए हैं..साथ ही बीजेपी पर तंज भी कसा है..
swadesh ajenda : संकट की दस्तक, 5 राज्यों में चुनाव सिर पर
दरअसल लॉकडाउन जैसी व्यवस्था का उत्तर प्रदेश में बीजेपी को खामियाजा उठाना पड़ा था। समाजवादी पार्टी और कांग्रेस को इस मुद्दे का काफी फायदा मिला था। ऐसे में केंद्र सरकार अब 2024 जैसी गलती नहीं दोहराना चाहती। आने वाले कुछ दिनों में 5 राज्यों में चुनाव भी हैं.. यही वजह है कि केंद्र ने लॉकडाउन की अटकलों को ज्यादा तूल न मिले इसके लिए केंद्रीय मंत्रियों को उतारा है। साथ ही सरकार ने तेल कंपनियां पेट्रोल-डीजल के दाम ना बढ़ाये इसलिए एक्साइज ड्यूटी में भी भारी कटौती की है। कुल मिलाकर चुनावी मौसम में बीजेपी किसी भी तरह से आम जनता की नाराजगी मोल लेना नहीं चाहती है।

