13 साल पहले आई अजय देवगन की फिल्म सन ऑफ सरदार ने दर्शकों को हंसी से लोटपोट कर दिया था। अब एक बार फिर जस्सी की वापसी हो चुकी है Son Of Sardaar 2 में। सवाल ये है कि क्या इस बार भी वही जादू दोहराया गया है? अगर आप इस फिल्म को देखने का प्लान बना रहे हैं, तो यहां पढ़ें पूरा रिव्यू।
कहानी
फिल्म की शुरुआत वहीं से होती है, जहां जस्सी (अजय देवगन) की शादी हो चुकी है, लेकिन उसकी पत्नी (नीरू बाजवा) उससे तलाक चाहती है। धोखा खा चुका जस्सी अब लंदन में अकेला भटकता है और वहीं उसकी मुलाकात पाकिस्तानी लड़की रबिया (मृणाल ठाकुर) से होती है।
रबिया की बेटी को संधू परिवार के बेटे से प्यार हो जाता है, लेकिन दिक्कत ये है कि संधू परिवार पाकिस्तानी लोगों से नफरत करता है। रबिया की मदद करने के लिए जस्सी एक नकली ‘सरदार पिता’ बनने का नाटक करता है। इसके बाद क्या-क्या हंगामा मचता है, ये जानने के लिए आपको थिएटर में फिल्म देखनी होगी।
कैसी है फिल्म?
- कॉमेडी का तड़का: फिल्म में कई ऐसे सीन्स हैं, जहां आप जोर-जोर से हंसेंगे।
- पंजाबी टच: डायरेक्टर विजय कुमार अरोड़ा ने इसे पंजाबी सिनेमा का फ्लेवर दिया है, जो फिल्म को हल्का-फुल्का और मजेदार बनाता है।
- पीजे (Poor Jokes) का ओवरलोड: कुछ जगह चुटकुले इतने कमजोर हैं कि हंसी के बजाय आप सोचेंगे – “ये क्या था?”
अगर आप बस हंसना चाहते हैं और दिमाग पर जोर नहीं डालना चाहते, तो यह फिल्म आपके लिए एक अच्छा वीकेंड ऑप्शन हो सकती है।
निर्देशन
विजय कुमार अरोड़ा का ये हिंदी डेब्यू है। हालांकि, उनकी पंजाबी फिल्म हरजीता को नेशनल अवॉर्ड मिला था, लेकिन Son Of Sardaar 2 में वो गहराई नजर नहीं आती।
- प्लस पॉइंट्स: हल्का-फुल्का मनोरंजन और पारिवारिक कॉमेडी।
- माइनस पॉइंट्स: पुरानी सोच वाले जोक्स, ओवरएक्टिंग और कुछ बेतुके सीन।
आज जब दर्शक ओटीटी और थिएटर में स्मार्ट और क्रिएटिव कॉमेडी के आदी हो चुके हैं, तब इस तरह की फिल्म थोड़ी निराश करती है।
एक्टिंग
- अजय देवगन: उनकी कॉमिक टाइमिंग शानदार है और वो फिल्म को अपने कंधों पर उठाए रखते हैं।
- मृणाल ठाकुर: पहली बार एक बोल्ड और बेबाक किरदार में नजर आती हैं और ताजगी लाती हैं।
- रवि किशन: हमेशा की तरह बेहतरीन परफॉर्मेंस देते हैं और दर्शकों का दिल जीत लेते हैं।
- मुकुल देव और विंदु दारा सिंह: दोनों की कॉमेडी टाइमिंग फिल्म की सबसे बड़ी ताकत है।
देखनी चाहिए या नहीं?
अगर आप बस हंसना चाहते हैं और कुछ देर रोजमर्रा की टेंशन से छुट्टी लेना चाहते हैं, तो Son Of Sardaar 2 आपके लिए है।
लेकिन अगर आप एक नई सोच, दमदार स्क्रिप्ट और बेहतर निर्देशन वाली कॉमेडी की तलाश में हैं, तो ये फिल्म आपको निराश कर सकती है।
कुल मिलाकर, Son Of Sardaar 2 उन दर्शकों के लिए है जो दिमाग घर पर छोड़कर थिएटर में सिर्फ हंसना चाहते हैं। यह एक नो-ब्रेनर कॉमेडी है जिसमें शानदार एक्टिंग और कुछ मजेदार सीन्स आपका दिन बना सकते हैं।





