BY: MOHIT JAIN
दिल्ली पुलिस ने शनिवार देर रात स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती उर्फ पार्थसारथी को आगरा से गिरफ्तार किया। चैतन्यानंद वसंत कुंज स्थित श्री शारदा इंस्टिट्यूट ऑफ इंडियन मैनेजमेंट-रिसर्च के हेड थे और उन पर कई छात्राओं के यौन उत्पीड़न और मानसिक प्रताड़ना के गंभीर आरोप हैं।
पुलिस की जांच के अनुसार चैतन्यानंद लंबे समय से फरार था और उसकी आखिरी लोकेशन आगरा में मिली थी। दिल्ली पुलिस की कई टीमें लगातार छापेमारी और लोकेशन ट्रेसिंग में लगी हुई थीं। गिरफ्तार करने के बाद उसे वसंत कुंज पुलिस स्टेशन लाया गया है, जहां पूछताछ जारी है।
छात्राओं पर आरोप और धमकाने की रणनीति

पुलिस ने बताया कि चैतन्यानंद छात्राओं को धमकाकर, अश्लील मैसेज भेजकर और विदेश यात्रा का लालच देकर अपने जाल में फंसाता था। छात्राओं को अक्सर देर रात अपने कमरे में बुलाया जाता और मना करने पर उन्हें कम ग्रेड देने की धमकी दी जाती थी।
जांच में बरामद वॉट्सएप मैसेज में सामने आया कि चैतन्यानंद छात्राओं को “बेबी”, “आई लव यू”, “आई अडोर यू” जैसे मैसेज भेजता और उनके बालों और कपड़ों की भी तारीफ करता था।
सहयोगियों की भूमिका का खुलासा
पुलिस की जांच में यह भी सामने आया कि तीन महिला वार्डन और फैकल्टी भी आरोपी की मदद करती थीं। ये छात्राओं पर दबाव डालकर चैट्स डिलीट करवातीं और उन्हें चुप रहने के लिए कहती थीं।
आर्थिक रूप से कमजोर छात्राओं को बनाया निशाना
चैतन्यानंद ने विशेष रूप से ईडब्ल्यूएस कोटे की छात्राओं को टारगेट किया। ये छात्राएँ आर्थिक रूप से कमजोर थीं और स्कॉलरशिप पर पढ़ रही थीं।
- पुलिस ने कुल 32 छात्राओं से पूछताछ की, जिनमें से 17 ने सीधे यौन उत्पीड़न और मानसिक प्रताड़ना की शिकायत दर्ज कराई।
- अब तक 16 छात्राओं ने मजिस्ट्रेट के सामने बयान दर्ज कराया।
- कुछ छात्राओं को विदेश यात्रा का झांसा भी दिया गया था।
पहले दर्ज मामले
स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती के खिलाफ पहले भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।
- 2009 में दिल्ली के डिफेंस कॉलोनी में धोखाधड़ी और छेड़छाड़ का मामला।
- 2016 में वसंत कुंज में एक महिला द्वारा छेड़छाड़ का मामला।
हालांकि, चैतन्यानंद के निजी जीवन और अन्य गतिविधियों की जानकारी अभी सीमित है।





