BY: Yoganand Shrivastva
बलूचिस्तान प्रांत एक बार फिर आतंक के साए में आ गया है। बीते चौबीस घंटों के भीतर सात अलग–अलग स्थानों पर हुए धमाकों ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी। इन हमलों में दो निजी सुरक्षा कर्मियों के घायल होने की खबर है। सबसे बड़ा झटका तब लगा जब क्वेटा मार्ग की रेल पटरी ताकतवर विस्फोट में पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई, जिसके बाद रेल परिचालन को रोकना पड़ा।
पुलिस चौकी पर ग्रेनेड हमला
शनिवार देर रात हिंसा की शुरुआत क्वेटा शहर के स्पिनी रोड क्षेत्र से हुई, जहाँ अज्ञात उग्रवादियों ने पुलिस चौकी पर दो ग्रेनेड फेंककर हमला किया। इसी के कुछ समय बाद आतंकवाद विरोधी शाखा की गश्ती टोली के पास एक शक्तिशाली विस्फोटक उपकरण फटाया गया।
शाम होते–होते धमाकों की श्रृंखला जारी
दिन ढलने तक तीन और हमले हुए। इनमें सबसे गंभीर वार लोहर कहरेज क्षेत्र में हुआ, जहाँ पहले से लगाई गई विस्फोटक सामग्री को उस समय सक्रिय किया गया जब जफर एक्सप्रेस क्वेटा की ओर बढ़ रही थी। धमाका इतना तेज था कि कई मीटर रेल पटरी हवा में उछल गई। इसके चलते क्वेटा–कराची और क्वेटा–चमन मार्ग की सभी रेलगाड़ियां अनिश्चित समय के लिए रद्द करनी पड़ीं।
पुलिस वैन और निर्माण स्थल भी निशाने पर
डेरा मुराद जमाली में गश्त कर रही पुलिस की मोबाइल वैन पर भी ग्रेनेड हमला किया गया, हालांकि पुलिसकर्मी सुरक्षित रहे। क्वेटा के सरीब रोड पर एक बड़े निर्माण कार्य स्थल पर हुए धमाकों में मशीनरी और अन्य सामग्री को भारी क्षति पहुँची तथा दो निजी सुरक्षा गार्ड गंभीर रूप से घायल हो गए।
हमलों के पीछे बीएलए का शक
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सभी हमले एक संगठित समूह द्वारा सुनियोजित तरीके से किए गए हैं, जिनका उद्देश्य प्रांत में भय का माहौल बनाना और विकास कार्यों को बाधित करना है। सुरक्षा एजेंसियों को संदेह है कि इन घटनाओं में बलोच मुक्ति सेना या उससे जुड़े गुटों की भूमिका हो सकती है। पूरे प्रांत में तलाशी अभियान तेज कर दिया गया है और क्वेटा में धारा 144 लागू कर दी गई है।





