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सौरभ शर्मा नियुक्ति विवाद: पूर्व मंत्री ने आरोपों को बताया भ्रामक

Saurabh Sharma appointment controversy: Former minister called the allegations misleading

मध्य प्रदेश के परिवहन विभाग के पूर्व कांस्टेबल सौरभ शर्मा की काली कमाई का मामला अब उनकी नियुक्ति तक पहुंच गया है। इस विवाद के केंद्र में तत्कालीन परिवहन मंत्री भूपेंद्र सिंह पर सवाल उठाए जा रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स में सौरभ की नियुक्ति में उनकी भूमिका को लेकर चर्चाएं तेज होने के बाद भूपेंद्र सिंह ने अपनी सफाई पेश करते हुए इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि उन्होंने सौरभ शर्मा की नियुक्ति के लिए किसी प्रकार की अनुशंसा नहीं की, बल्कि केवल विभाग से अभिमत मांगा था। भूपेंद्र सिंह ने कहा कि मंत्री किसी कर्मचारी की नियुक्ति का अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि परिवहन आरक्षक की नियुक्ति का अधिकार केवल परिवहन आयुक्त के पास होता है।

भूपेंद्र सिंह ने अभिमत मांगने और सिफारिश करने को दो अलग -अलग प्रक्रिया बताया। भूपेंद्र सिंह का कहना है कि मीडिया में तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश किया और उनकी छवि खराब करने की कोशिश की है। उन्होंने आशंका जताई कि इस प्रकार के भ्रामक समाचारों के जरिए जांच एजेंसियों का ध्यान असली मुद्दे से भटकाया जा रहा है और मुख्य आरोपियों को बचाने की कोशिश की जा रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जानबूझकर षड्यंत्र पूर्वक मेरे खिलाफ खबर प्रकाशित की गई हैं।