BY: VIJAY NANDAN
शराब का व्यापार विश्व भर में अरबों रुपये का उद्योग है, जो कई छोटे देशों की अर्थव्यवस्था के बराबर है। फिर भी, कुछ देशों में शराब पर सख्त पाबंदी है, विशेष रूप से कई इस्लामिक देशों में, जहां धार्मिक आधार पर शराब के सेवन और बिक्री पर रोक लगाई गई है। हाल ही में सऊदी अरब ने 73 साल बाद शराब से संबंधित अपने नियमों में बदलाव किया है। आइए जानते हैं इस बड़े बदलाव और अन्य मुस्लिम देशों में शराब के नियमों के बारे में।
सऊदी अरब में 73 साल बाद शराब पर छूट
सऊदी अरब ने हाल ही में एक ऐतिहासिक फैसला लिया है, जिसमें 73 साल बाद शराब पर लगे प्रतिबंध में ढील दी गई है। यह कदम पर्यटन को बढ़ावा देने और देश को वैश्विक स्तर पर आधुनिक बनाने की दिशा में उठाया गया है। हालांकि, यह छूट केवल विदेशी पर्यटकों के लिए है, और स्थानीय नागरिकों पर शराब का प्रतिबंध अभी भी लागू है।

शराब की बिक्री और सेवन के लिए सख्त नियम
सऊदी अरब में शराब की बिक्री दुकानों या सार्वजनिक स्थानों पर नहीं होगी। केवल लाइसेंस प्राप्त बड़े पर्यटन परियोजनाओं, जैसे होटल और रिसॉर्ट्स, में शराब परोसी जा सकेगी। इसके लिए विशेष लाइसेंस जारी किए जाएंगे। साथ ही, केवल कम अल्कोहल युक्त पेय जैसे बीयर और वोदका की अनुमति होगी, जिसमें अल्कोहल की मात्रा 20% से अधिक नहीं होनी चाहिए। देश में करीब 600 स्थानों पर यह सुविधा उपलब्ध होगी।
किन इस्लामिक देशों में है शराब पर पूरी तरह प्रतिबंध?
दुनियाभर में कई मुस्लिम देशों में शराब पर सख्त प्रतिबंध लागू हैं, और उल्लंघन करने पर कठोर सजा का प्रावधान है। इन देशों में शामिल हैं:
- ब्रुनेई: शराब की बिक्री और सार्वजनिक सेवन पर पूर्ण प्रतिबंध।
- ईरान: इस्लामिक क्रांति के बाद से शराब पूरी तरह निषिद्ध।
- लीबिया: शराब का उत्पादन, बिक्री और सेवन गैरकानूनी।
- कुवैत: शराब पर सख्त पाबंदी, जिसमें आयात भी शामिल।
- पाकिस्तान: गैर-मुस्लिमों के लिए सीमित छूट के साथ शराब पर प्रतिबंध।
- सोमालिया: धार्मिक और सामाजिक नियमों के कारण शराब पूरी तरह बैन।
इन देशों में शराब से संबंधित अपराधों के लिए जुर्माना, जेल या अन्य सजा दी जा सकती है।
पर्यटन के लिए नियमों में बदलाव
कई इस्लामिक देश अब पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए अपने नियमों में ढील दे रहे हैं। सऊदी अरब का यह फैसला भी इसी दिशा में एक कदम है। इससे पहले, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और कतर जैसे देशों ने भी पर्यटकों के लिए शराब के नियमों में कुछ छूट दी है। उदाहरण के लिए, दुबई में लाइसेंस प्राप्त होटलों और बार में पर्यटकों को शराब उपलब्ध कराई जाती है।
भारत-पाकिस्तान और आम का विवाद
खबर में उल्लेखित भारत और पाकिस्तान के बीच आम को लेकर विवाद का जिक्र भी रोचक है। 1981 से दोनों देश आम की कुछ किस्मों के नामकरण और निर्यात को लेकर असहमति में हैं। यह मुद्दा कश्मीर जैसे बड़े विवादों के साथ-साथ चर्चा में रहता है।
सऊदी अरब का शराब पर प्रतिबंध हटाने का फैसला वैश्विक पर्यटन को आकर्षित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। हालांकि, यह छूट केवल पर्यटकों तक सीमित है और स्थानीय स्तर पर सख्त नियम लागू रहेंगे। अन्य इस्लामिक देशों में शराब पर पाबंदी अब भी बरकरार है, लेकिन पर्यटन और आर्थिक विकास के लिए कुछ देश नियमों में बदलाव कर रहे हैं।
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