BY
Yoganand Shrivastava
Sasaram: बिहार के रोहतास जिले के सासाराम नगर निगम ने एक ऐसा आदेश जारी किया है, जिससे शहर में चर्चा और नाराजगी का माहौल बन गया है। अब शिक्षक न केवल पढ़ाई की जिम्मेदारी निभाएंगे, बल्कि आवारा कुत्तों से संबंधित रिपोर्टिंग का काम भी करेंगे।
नगर निगम का निर्देश और उसकी वजह
Sasaram: नगर निगम ने शहर के सभी विद्यालयों को पत्र भेजकर कहा है कि प्रत्येक स्कूल एक नोडल अधिकारी (शिक्षक) नियुक्त करें। यह अधिकारी स्कूल परिसर और आसपास मौजूद आवारा कुत्तों की संख्या, उनकी स्थिति और नियंत्रण के उपायों की जानकारी नगर निगम को उपलब्ध कराएगा। नगर निगम शहर में डॉग पाउंड बनाने की तैयारी कर रहा है और इसके लिए विभिन्न इलाकों से आंकड़े जुटाए जा रहे हैं। नगर आयुक्त विकास कुमार ने बताया कि यह कदम सरकार की गाइडलाइन के तहत उठाया गया है। उनका कहना है कि आवारा कुत्तों की समस्या पर प्रभावी नियंत्रण के लिए शैक्षणिक संस्थानों से सटीक डेटा जुटाना जरूरी है।

शिक्षकों में असंतोष और नाराजगी
Sasaram: हालांकि, इस आदेश ने शिक्षक वर्ग में नाराजगी और असहजता पैदा कर दी है। शिक्षकों का कहना है कि पहले से ही उनसे जनगणना, बीएलओ और जाति गणना जैसे गैर-शैक्षणिक कार्य कराए जाते रहे हैं। अब आवारा कुत्तों की गिनती और रिपोर्टिंग जैसी जिम्मेदारी थोप दी गई है।अधिकांश शिक्षक फिलहाल खुलकर प्रतिक्रिया देने से बच रहे हैं, लेकिन यह आदेश शहर भर में बहस का विषय बन चुका है।
शहर में विवाद और भविष्य की कार्रवाई
Sasaram: नगर निगम का कहना है कि नोडल अधिकारियों से प्राप्त जानकारी के आधार पर शहर में आवारा कुत्तों के प्रभावी नियंत्रण और डॉग पाउंड संचालन की योजना बनाई जाएगी। हालांकि, शिक्षकों की असंतोषजनक प्रतिक्रिया और विवाद को देखते हुए, यह देखना दिलचस्प होगा कि आगे नगर निगम किस तरह से इस आदेश को लागू करता है।





