Isa Ahmad
REPORT- NIJAM ALI
पूरनपुर तहसील क्षेत्र के गांव चांदुइया हजारा में सड़क निर्माण के चलते ग्रामीणों पर एक बार फिर बेघर होने का संकट गहराता जा रहा है। गांव में बनाए जा रहे मुख्य संपर्क मार्ग के लिए निर्माण एजेंसी द्वारा 17 घरों को तोड़ने का निर्देश दिए जाने से पूरे गांव में तनाव और बेचैनी फैल गई है।
बार-बार बाढ़ से उजड़ चुके परिवारों पर नई मुसीबत
गांव के कई परिवार पहले ही नदी कटान और सालाना बाढ़ की मार झेल चुके हैं। कई बार घर उजड़ने और नई जगह बसने के बाद अब सड़क निर्माण के नाम पर फिर से बेघरी का डर मंडरा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि वे विकास कार्य का विरोध नहीं करते, लेकिन सड़क निर्माण ऐसा हो कि घर सुरक्षित रहें और किसी को बेघर न होना पड़े।
निर्माण एजेंसी बोली- रास्ता खाली करो, घर हटाओ
ग्रामीणों के मुताबिक, निर्माण एजेंसी की ओर से साफ कहा गया है कि सड़क मार्ग के लिए घरों को हटाना पड़ेगा, जिसके बाद से परिवारों में गुस्सा और भय दोनों व्याप्त हैं। लोगों ने आशंका जताई है कि यदि घर गिरे तो उनके पास रहने की कोई दूसरी जगह नहीं बचेगी।
ग्राम प्रधान व ग्रामीण पहुंचे तहसील, एसडीएम से मुलाकात न होने पर नाराज़गी
गांव के ग्राम प्रधान समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण सोमवार को पूरनपुर तहसील पहुंचे और प्रशासन से समस्या का समाधान कराने की मांग की। लेकिन एसडीएम से मुलाकात न हो पाने पर नाराज़गी बढ़ गई। ग्रामीणों ने कहा कि जब तक प्रशासन विकल्प नहीं देगा, तब तक वे घर नहीं तोड़ने देंगे।
समाधान न मिलने से गुस्सा और डर दोनों
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क जरूर बनाई जाए, लेकिन ऐसा विकल्प तैयार किया जाए जिससे किसी परिवार को नुकसान न झेलना पड़े। विभाग द्वारा स्पष्ट समाधान न देने से गांव में तनाव बढ़ता जा रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से त्वरित हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा कि विकास के नाम पर लोगों को सड़क पर न लाया जाए।





