Railway Project Protest : खरसिया-परमलकसा रेल परियोजना से 20 से अधिक गांव प्रभावित, मुआवजे को लेकर नाराजगी
Railway Project Protest : दुर्ग जिले के पाटन क्षेत्र के पुरई गांव में केंद्र सरकार की खरसिया-परमलकसा रेल परियोजना को लेकर सोमवार को बड़ा विरोध देखने को मिला। रेलवे की सर्वे टीम जैसे ही जमीन नापने पहुंची, सैकड़ों ग्रामीणों ने एकजुट होकर विरोध शुरू कर दिया। स्थिति को देखते हुए मौके पर जिला प्रशासन, रेलवे अधिकारी और भारी पुलिस बल तैनात किया गया।

Railway Project Protest : यह परियोजना क्षेत्र के 20 से अधिक गांवों को प्रभावित कर रही है, जिनमें घुघसीडीह, खोपली, बोरिगारका, पुरई, कोकड़ी, चंद्रखुरी, चंगोरी, थनौद, पाउवारा, बठेना, नवागांव और देवादा जैसे गांव शामिल हैं। ग्रामीणों का कहना है कि उनकी जमीन ही उनकी आजीविका का एकमात्र साधन है, ऐसे में बिना स्पष्ट मुआवजा और पुनर्वास नीति के सर्वे करना उनके साथ अन्याय है।
Railway Project Protest : पुलिस कार्रवाई पर सवाल, किसानों की रिहाई की मांग
Railway Project Protest : विरोध के दौरान पुलिस ने 4 किसानों को हिरासत में लिया, जिनमें से 2 को बाद में रिहा कर दिया गया। किसानों का आरोप है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से विरोध कर रहे थे, इसके बावजूद प्रशासन ने दबाव बनाने के लिए सख्ती दिखाई और जेल भेजने की कोशिश की।
Railway Project Protest : ग्रामीणों ने कलेक्टर अभिजीत सिंह और एसपी से मुलाकात कर बाकी किसानों की रिहाई की मांग की है। वहीं मुआवजे को लेकर सबसे बड़ा विवाद हेक्टेयर बनाम स्क्वायर फीट के आधार पर भुगतान को लेकर है।इस पूरे मामले पर कलेक्टर अभिजीत सिंह का कहना है कि ग्रामीणों के साथ कई चरणों में बैठक कर मुआवजा प्रक्रिया की जानकारी दी जा चुकी है। सर्वे कार्य जारी है और जो लोग इसमें बाधा डाल रहे हैं, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।

