रिपोर्टर: नफीस अहमद
Prayagraj : तीर्थराज प्रयागराज में चल रहे 44 दिवसीय माघ मेले का आज महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर भव्य समापन हो रहा है। त्रिवेणी संगम के तट पर आज आस्था, विश्वास और भक्ति का वो अद्भुत नजारा दिख रहा है, जिसकी प्रतीक्षा हर श्रद्धालु को रहती है। मेले के इस अंतिम और छठे प्रमुख स्नान पर्व पर लाखों की संख्या में भक्त पुण्य की डुबकी लगा रहे हैं।
दोपहर तक 30 लाख से अधिक ने किया स्नान
Prayagraj ब्रह्म मुहूर्त से ही संगम के विभिन्न घाटों पर श्रद्धालुओं का रेला उमड़ पड़ा। कड़ाके की ठंड और सुबह की धुंध के बावजूद भक्तों के उत्साह में कोई कमी नहीं दिखी।
- सुबह 7 बजे तक: लगभग 16 लाख श्रद्धालु स्नान कर चुके थे।
- दोपहर 2 बजे तक: यह आंकड़ा बढ़कर 30 लाख के पार पहुँच गया।
- अनुमान: प्रशासन का मानना है कि शाम तक संगम में डुबकी लगाने वालों की कुल संख्या एक करोड़ तक पहुँच सकती है।
महाशिवरात्रि और संगम स्नान का विशेष संयोग
Prayagraj धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, महाशिवरात्रि पर त्रिवेणी संगम में स्नान और भगवान शिव की आराधना का विशेष महत्व है। श्रद्धालु संगम में डुबकी लगाने के बाद अक्षयवट और लेटे हुए हनुमान जी के दर्शन कर रहे हैं। भक्तों का अटूट विश्वास है कि आज के दिन किया गया दान और स्नान मोक्ष की प्राप्ति कराता है और सभी मनोकामनाएं पूर्ण करता है। इसी विश्वास के साथ संगम तट ‘हर-हर महादेव’ के जयकारों से गुंजायमान है।
प्रशासनिक सतर्कता और सुरक्षा के कड़े इंतजाम
Prayagraj मेले के अंतिम और सबसे बड़े स्नान पर्व को देखते हुए प्रयागराज प्रशासन ने सुरक्षा की चाक-चौबंद व्यवस्था की है:
- सुरक्षा बल: पूरे मेला क्षेत्र और घाटों पर भारी पुलिस बल, पीएसी और जल पुलिस की तैनाती की गई है।
- सीसीटीवी निगरानी: ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों के जरिए भीड़ के दबाव पर नजर रखी जा रही है।
- सुविधाएं: श्रद्धालुओं के लिए पेयजल, चेंजिंग रूम और चिकित्सा शिविरों की विशेष व्यवस्था की गई है ताकि अंतिम दिन किसी को असुविधा न हो।
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