by: vijay nandan
चेन्नई: पुलिस को सोमवार को तमिलनाडु के डीजीपी कार्यालय में एक ईमेल प्राप्त हुआ, जिसमें सुपरस्टार रजनीकांत और अभिनेता धनुष के आवासों पर बम लगाए जाने का दावा किया गया। इस ईमेल में कांग्रेस नेता के. सेवलपेरुन्थागई का नाम भी शामिल था।
त्वरित कार्रवाई और जांच, ईमेल मिलते ही पुलिस तुरंत हरकत में आई। बम डिटेक्शन और डिस्पोजल टीम को तुरंत सभी बताए गए स्थानों पर भेजा गया। पुलिस ने रजनीकांत और धनुष के घरों के साथ-साथ ईमेल में उल्लेखित अन्य स्थानों की भी गहन जांच की। जांच पूरी होने पर, पुलिस को कहीं भी कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली, और अधिकारियों ने पुष्टि की कि यह एक झूठी धमकी थी। रजनीकांत के सुरक्षा कर्मियों ने भी इस बात की पुष्टि की कि घर में कोई अनजान व्यक्ति नहीं आया था, और यह ईमेल फर्जी था।

अन्य नामों की भी हुई जांच, धनुष ने 2004 में रजनीकांत की बड़ी बेटी ऐश्वर्या से शादी की थी, हालांकि 2024 में दोनों का तलाक हो गया। चेन्नई सिटी पुलिस और बम स्क्वॉड ने ईमेल में बताए गए अन्य व्यक्तियों के घरों की भी जांच की। किसी भी स्थान से बम नहीं मिला, जिसके बाद पुलिस ने घोषणा की कि यह भी एक और झूठी धमकी थी।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह ईमेल पहले डीजीपी कार्यालय को भेजा गया था, जिसे बाद में ग्रेटर चेन्नई पुलिस को भेजा गया। इसमें दावा किया गया था कि रजनीकांत, धनुष और कांग्रेस नेता के. सेवलपेरुन्थागई के घरों में विस्फोटक रखे गए हैं। याद रखें: के. सेवलपेरुन्थागई श्रीपेरंबुदूर निर्वाचन क्षेत्र से कांग्रेस विधायक हैं और तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष भी हैं।
पहले भी मिल चुकी हैं ऐसी धमकियाँ
पिछले कुछ हफ्तों में इसी तरह के कई फर्जी मामले सामने आए हैं: 2 अक्टूबर: एक्ट्रेस त्रिशा कृष्णन के चेन्नई स्थित घर पर बम की धमकी वाला ईमेल मिला था। 9 अक्टूबर: पुलिस ने 37 वर्षीय एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया, जिसने अभिनेता और नेता विजय के घर पर फर्जी बम धमकी भेजी थी। 14 अक्टूबर: म्यूजिक कंपोजर इलैयाराजा के स्टूडियो को भी बम की धमकी वाला ईमेल मिला, जो जांच के बाद झूठा साबित हुआ। इन सभी पूर्व मामलों में, पुलिस को कोई विस्फोटक नहीं मिला और सभी धमकियाँ फर्जी साबित हुईं।

फर्जी बम धमकियों पर चेन्नई पुलिस की आगे की कार्रवाई
सुपरस्टार रजनीकांत, धनुष और अन्य प्रमुख हस्तियों को मिली फर्जी बम धमकियों को देखते हुए, चेन्नई पुलिस ने अब इस मामले में गहन तकनीकी जांच शुरू कर दी है।
साइबर सेल की जांच
स्रोत का पता लगाना: पुलिस की साइबर क्राइम सेल इस बात की जांच कर रही है कि फर्जी ईमेल कहाँ से और किस IP पते से भेजे गए थे। उनका मुख्य उद्देश्य ईमेल भेजने वाले अज्ञात व्यक्ति की पहचान करना है।
फर्जी कॉलों की रोकथाम: चूंकि हाल के हफ्तों में त्रिशा, विजय और इलैयाराजा सहित कई प्रमुख हस्तियों को ऐसी धमकियां मिली हैं, पुलिस इन झूठी धमकियों के बढ़ते पैटर्न को समझने और उन्हें रोकने पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
अन्य मामलों से संबंध: पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या ये सभी फर्जी धमकी वाले ईमेल एक ही व्यक्ति या समूह द्वारा भेजे गए थे।
सुरक्षा और सार्वजनिक प्रतिक्रिया
सुरक्षा पुष्टि: बम निरोधक और डिस्पोजल स्क्वॉड ने रजनीकांत (पोएस गार्डन), धनुष और के. सेवलपेरुन्थागई के घरों की गहन तलाशी ली और सभी स्थानों को सुरक्षित घोषित किया।
जागरूकता: पुलिस ने जनता को आश्वस्त किया है कि किसी भी संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक के न मिलने के कारण यह एक झूठी चेतावनी थी, जिससे किसी भी तरह की घबराहट को रोका जा सके।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे इस तरह के फर्जी सुरक्षा अलर्ट भेजने वाले व्यक्ति की तलाश में लगे हुए हैं, क्योंकि ऐसे कृत्य से पुलिस संसाधनों का दुरुपयोग होता है और जनता में भय का माहौल बनता है।





