BY
Yoganand Shrivastava
Delhi एक ओर जहाँ पश्चिम एशिया (West Asia) युद्ध की विभीषण झेल रहा है, वहीं दूसरी ओर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शांति और सद्भाव का संदेश देते हुए ईरान के राष्ट्रपति डॉ. मसूद पेजेश्कियन से फोन पर बात की। पीएम मोदी ने न केवल ईद-उल-फितर और नवरोज की शुभकामनाएं दीं, बल्कि क्षेत्र में जारी तनाव और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) पर पड़ रहे इसके प्रतिकूल प्रभावों पर भी गहरी चर्चा की।

Delhi शांति और समृद्धि की उम्मीद: त्योहारों के बहाने कूटनीतिक संदेश
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ के जरिए इस बातचीत की जानकारी साझा की। उन्होंने विश्वास जताया कि ईद और नवरोज का यह पावन अवसर पश्चिम एशिया में फिर से शांति, स्थिरता और खुशहाली का मार्ग प्रशस्त करेगा। युद्ध के चौथे हफ्ते में प्रवेश करने के बीच भारत की यह पहल क्षेत्रीय शांति की दिशा में एक संतुलित कदम मानी जा रही है।

Delhi हमलों की निंदा और शिपिंग मार्गों की सुरक्षा पर जोर
बातचीत के दौरान पीएम मोदी ने ईरान के महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचों (Infrastructure) पर हुए हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे हमले न केवल क्षेत्रीय स्थिरता को खतरे में डालते हैं, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था और सप्लाई चेन को भी बाधित करते हैं। प्रधानमंत्री ने ‘नेविगेशन की स्वतंत्रता’ (Freedom of Navigation) की रक्षा करने और अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापारिक मार्गों को खुला व सुरक्षित रखने के महत्व को दोहराया।

Delhi ईरान का आभार और युद्ध की वर्तमान स्थिति
पीएम मोदी ने ईरान में रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ईरानी सरकार के निरंतर सहयोग की सराहना की। गौरतलब है कि 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हवाई हमलों के बाद से ईरान में स्थिति बेहद तनावपूर्ण है। इस संघर्ष में ईरान के शीर्ष नेतृत्व को भारी क्षति पहुँची है, जिससे यह विवाद अब पूर्ण पैमाने पर युद्ध का रूप ले चुका है।
Read this: Bokaro में बदला मौसम का मिजाज: झमाझम बारिश से लुढ़का पारा, सुहाने मौसम के साथ बढ़ी ठिठुरन





