रिपोर्टर: निज़ाम अली
Pilibhit उत्तर प्रदेश के तराई क्षेत्र पीलीभीत में रविवार को मौसम ने अचानक ऐसा करवट बदला कि लोग दहशत में आ गए। दोपहर के समय ही आसमान में घने काले बादल छा गए और देखते ही देखते तेज आंधी के साथ मूसलाधार बारिश शुरू हो गई। बादलों की भीषण गड़गड़ाहट और धूल भरी आंधी के कारण दिन में ही रात जैसा नजारा देखने को मिला। इस बेमौसम बरसात ने आम जनजीवन को अस्त-व्यस्त करने के साथ-साथ किसानों की साल भर की मेहनत पर पानी फेर दिया है।

Pilibhit दिन में छा गई काली रात, ओलावृष्टि की आहट
पीलीभीत शहर और ग्रामीण इलाकों में मौसम का मिजाज पूरी तरह बिगड़ चुका है। तेज हवाओं के कारण तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे एक बार फिर ठंड का अहसास होने लगा है।

- दहशत का माहौल: बादलों की तेज गड़गड़ाहट ने लोगों को घरों में दुबकने पर मजबूर कर दिया है।
- ओलावृष्टि का अलर्ट: मौसम विशेषज्ञों ने बारिश के साथ-साथ जिले के कई हिस्सों में ओलावृष्टि की भी प्रबल आशंका जताई है, जो फसलों के लिए विनाशकारी साबित हो सकती है।
Pilibhit ‘पकी-पकाई’ फसल पर मंडराया संकट
इस प्राकृतिक आपदा ने सबसे ज्यादा चोट किसानों को पहुँचाई है। वर्तमान में खेतों में रबी की फसल (गेहूं, सरसों और मटर) पक कर तैयार है और कटाई का समय नजदीक है।
- भारी नुकसान: तेज आंधी के कारण खेतों में खड़ी फसलें जमीन पर बिछ गई हैं। यदि बारिश का दौर लंबा खिंचता है, तो दानों के सड़ने और गुणवत्ता खराब होने का बड़ा खतरा पैदा हो गया है।
- किसानों की पुकार: कड़ाके की धूप का इंतजार कर रहे किसान अब आसमान की ओर देखकर बस ईश्वर से फसल बचाने की दुआ मांग रहे हैं।
Pilibhit बिजली व्यवस्था और आवागमन प्रभावित
मौसम की इस मार ने शहरी बुनियादी ढांचे को भी प्रभावित किया है।
- अंधेरे में डूबे कई इलाके: तेज हवाओं के कारण कई जगहों पर पेड़ों की टहनियां बिजली की लाइनों पर गिर गई हैं, जिससे घंटों से बिजली आपूर्ति ठप है।
- यातायात बाधित: सड़कों पर जलभराव और कम दृश्यता (Visibility) के कारण वाहन चालकों को दिन में भी हेडलाइट जलाकर चलना पड़ रहा है। प्रशासन ने लोगों को सावधानी बरतने और जर्जर इमारतों व पेड़ों से दूर रहने की सलाह दी है।





