Report: Devendra Jaiswal
खंडवा : जिले पिपलोद थाना क्षेत्र में एक झोला छाप डॉक्टर के गलत उपचार से दो साल के मासूम की मौत हो गई। घटना गुरुवार रात की बताई जा रही है। आज खंडवा के जिला अस्पताल में मासूम का पोस्टमार्टम कराया जा था है।
मध्य प्रदेश के खंडवा जिले से एक दिल दहला देने वाली खबर आ रही है। पिपलोद थाना क्षेत्र के गांधवा गांव में एक झोला छाप डॉक्टर की लापरवाही से एक मासूम दो साल के बच्चे की जान चली गई। डॉक्टर ने गलत उपचार दिया, जिसके चलते बच्चे की हालत बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई। इस घटना पर स्थानीय आदिवासी संगठन जयस (जय आदिवासी युवा शक्ति) ने तीखा आक्रोश जताया है। आरोपी डॉक्टर हिमांशु पर पुलिस ने FIR दर्ज कर ली है। अब हम आपको इस घटना की पूरी डिटेल्स बताते हैं। यह दुखद घटना गांधवा गांव घटी है। यहां के निवासी अभी भी सदमे में हैं। पीड़ित परिवार का कहना है कि उनका दो साल का बेटा बीमार था। आदिवासी लाभु जमरे ने बताया कि स्थानीय झोला छाप डॉक्टर हिमांशु से इलाज करवाया, जो बिना किसी मेडिकल डिग्री के प्रैक्टिस कर रहा था। बुधवार रात को खंडवा ले जाने को वाहन नहीं था तो इनसे इलाज कराया। डॉक्टर ने बच्चे को गलत इंजेक्शन और स्लाइन चढ़ा दी। चार बोतल स्लाइन चढ़ने से बच्चे की हालत तेजी से बिगड़ी और उसकी मौत हो गई।
बच्चे की मौत के बाद गांव में हड़कंप मच गया। जयस संगठन के कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए और पीपलोद थाने पहुंचकर डॉक्टर के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। संगठन के नेता अंतर डाबर ने कहा कि ऐसे फर्जी डॉक्टर ग्रामीण इलाकों में गरीबों की जान से खेल रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है।
जयस नेता श्री डाबरबोले यह पहली घटना नहीं है। हमारे आदिवासी भाई-बहनों को ऐसे झोला छाप डॉक्टरों का शिकार बनना पड़ता है। हम आक्रोशित हैं और मांग करते हैं कि डॉक्टर हिमांशु को गिरफ्तार किया जाए। सरकार ग्रामीण स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करे, नहीं तो हम आंदोलन तेज करेंगे।
उन्होंने कहा मेरा बेटा बस थोड़ा बीमार था। हमने डॉक्टर हिमांशु पर भरोसा किया, लेकिन उसने गलत दवा दी। अब हमारा बच्चा चला गया। हम न्याय चाहते हैं।
घटना की शिकायत मिलते ही पुलिस हरकत में आई। आरोपी डॉक्टर हिमांशु पर अभी मर्ग कायम किया गया है। डॉक्टर पर लापरवाही के तहत FIR दर्ज करने की मांग की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच जारी है पीएम रिपोर्ट आने के बाद आरोपी को गिरफ्तार किया जाएगा। हालांकि, डॉक्टर फिलहाल फरार बताया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग भी इस मामले में जांच कर रहा है कि आरोपी बिना लाइसेंस के कैसे प्रैक्टिस कर रहा था।





