उत्तर कोरिया ने एक बार फिर दुनिया को चौंका दिया है। देश के सर्वोच्च नेता किम जोंग उन ने खुद दो नई वायु रक्षा मिसाइलों के परीक्षण की निगरानी की। हालांकि प्योंगयांग ने इस बारे में ज्यादा जानकारी साझा नहीं की है कि मिसाइलों की खासियत और तकनीकी क्षमता क्या है।
परीक्षण पर क्या कहा उत्तर कोरिया ने?
सरकारी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, शनिवार को हुए इस परीक्षण में यह साबित हुआ कि दोनों मिसाइलें कई तरह के हवाई लक्ष्यों को नष्ट करने में सक्षम हैं।
- मिसाइलों का संचालन और प्रतिक्रिया मोड नई तकनीक पर आधारित है।
- यह हथियार प्रणालियां बेहतर युद्ध क्षमता से लैस बताई जा रही हैं।
- परीक्षण कहां किया गया, इसकी जानकारी गुप्त रखी गई है।
कूटनीतिक हलचल के बीच मिसाइल परीक्षण
यह परीक्षण ऐसे समय हुआ है जब दक्षिण कोरिया के नए राष्ट्रपति ली जे म्युंग जापान के प्रधानमंत्री शिगेरु इशिबा से मुलाकात के लिए टोक्यो में मौजूद थे। इस शिखर सम्मेलन का मकसद अमेरिका, जापान और दक्षिण कोरिया की त्रिपक्षीय साझेदारी को और मजबूत करना था, खासकर उत्तर कोरिया की परमाणु महत्वाकांक्षाओं से निपटने के लिए।
ली जे म्युंग जल्द ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से मुलाकात के लिए वाशिंगटन रवाना होने वाले हैं। ऐसे में उत्तर कोरिया का यह कदम कूटनीतिक नजरिए से बेहद अहम माना जा रहा है।
अमेरिका और दक्षिण कोरिया से टकराव बरकरार
किम जोंग उन की सरकार पहले भी कई बार सियोल और वाशिंगटन के साथ परमाणु हथियार कार्यक्रम पर बातचीत शुरू करने के प्रस्तावों को खारिज कर चुकी है।
- उत्तर कोरिया, अमेरिका का सामना करने वाले देशों के साथ रिश्ते मजबूत करने पर जोर दे रहा है।
- रिपोर्ट्स के अनुसार, किम प्रशासन रूस को अपनी विदेश नीति में प्राथमिकता दे रहा है।
क्यों अहम है यह परीक्षण?
- यह मिसाइल परीक्षण सिर्फ सैन्य दृष्टिकोण से नहीं, बल्कि एशिया-प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा और कूटनीतिक संतुलन पर भी असर डाल सकता है।
- दक्षिण कोरिया, जापान और अमेरिका के बीच साझेदारी को चुनौती देने के रूप में भी इसे देखा जा रहा है।
- मिसाइल की तकनीकी क्षमता पर आधिकारिक जानकारी भले न दी गई हो, लेकिन इसे “बेहतर युद्ध क्षमता” वाली प्रणाली बताया जा रहा है।





