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इंदौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर में नया औद्योगिक क्षेत्र

New industrial area in Indore-Pithampur Economic Corridor

भोपाल में आयुष्मान भारत का नियंत्रण केंद्र

भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। इनमें सबसे बड़ा निर्णय इंदौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर में नया औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने का है। इसके अलावा, भोपाल में आयुष्मान भारत योजना का नियंत्रण केंद्र स्थापित करने का भी निर्णय लिया गया है।

नए औद्योगिक क्षेत्र का विस्तार और विशेषताएँ

सरकार ने इंदौर और पीथमपुर के बीच 1290 हेक्टेयर क्षेत्र में यह नया औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने का निर्णय लिया है। इसमें से 1000 हेक्टेयर भूमि किसानों से अधिग्रहित की जाएगी और किसानों को 60 प्रतिशत विकसित भूमि का मुआवजा दिया जाएगा।

मुख्य विशेषताएँ:

यह क्षेत्र आगरा-मुंबई हाईवे और इंदौर एयरपोर्ट से सीधा जुड़ा होगा।

19.60 किलोमीटर लंबी और 75 मीटर चौड़ी सड़क का निर्माण किया जाएगा।

इसमें इंदौर के 9 गांव और पीथमपुर के 8 गांव शामिल होंगे।

इस क्षेत्र को इकोनॉमिक कॉरिडोर से जोड़ा जाएगा, जिससे उद्योगों को परिवहन और व्यापार में आसानी होगी।

भोपाल में बनेगा आयुष्मान भारत योजना का नियंत्रण केंद्र

कैबिनेट बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि आयुष्मान भारत योजना का मुख्य नियंत्रण केंद्र भोपाल के हुजूर विधानसभा क्षेत्र में स्थापित किया जाएगा। इससे योजना के तहत स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर तरीके से मॉनिटर और नियंत्रित किया जा सकेगा।

सरकार की मंशा और औद्योगिक विकास

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि इस निर्णय से मध्य प्रदेश में औद्योगिकरण को बढ़ावा मिलेगा, जिससे नौकरी और व्यापार के नए अवसर पैदा होंगे। इंदौर और पीथमपुर पहले से ही औद्योगिक रूप से समृद्ध क्षेत्र हैं, और इस नए औद्योगिक क्षेत्र से राज्य की अर्थव्यवस्था को और मजबूती मिलेगी।