BY: MOHIT JAIN
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नेपाल में हाल ही में भड़की हिंसा का असर वहां के व्यापार और उद्योग पर सीधा दिख रहा है। भारतीय FMCG कंपनियां डाबर और ब्रिटानिया भी इससे अछूती नहीं रहीं।
- ब्रिटानिया ने नेपाल में अपना उत्पादन पूरी तरह रोक दिया है।
- डाबर का उत्पादन आंशिक रूप से प्रभावित हुआ है।
कंपनियों का कहना है कि कर्मचारियों की सुरक्षा उनकी प्राथमिकता है। हालात को देखते हुए उत्पादन रोकने का फैसला लिया गया।
ब्रिटानिया ने बारां जिले का प्लांट बंद किया
ब्रिटानिया इंडस्ट्रीज ने अपने बारां जिले स्थित प्लांट को बंद कर दिया है।
- कंपनी का कहना है कि स्थानीय प्रशासन और सेना के सहयोग से कर्मचारियों को सुरक्षित निकाला गया।
- गुड डे, मैरी गोल्ड और टाइगर जैसे लोकप्रिय ब्रांडों के लिए जानी जाने वाली ब्रिटानिया ने कहा कि मौजूदा माहौल में सुरक्षा सर्वोपरि है।
डाबर इंडिया का बीरगंज प्लांट भी प्रभावित
डाबर का बीरगंज स्थित प्लांट हिंसा के कारण ठप पड़ा है।
- कई कर्मचारी प्लांट तक पहुंच नहीं पा रहे, जिससे उत्पादन पूरी तरह रुक गया है।
- नेपाल, डाबर की कुल बिक्री में लगभग 3% योगदान देता है।
- कंपनी ने काठमांडू स्थित कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम की सुविधा दी है।
नेपाल में बिगड़े हालात और सेना का हस्तक्षेप
नेपाल की राजधानी काठमांडू समेत कई हिस्सों में हाल ही में हिंसा और आगजनी की घटनाएं हुईं।
- प्रदर्शनकारियों ने नेताओं के घर, सरकारी आवास और संसद को आग के हवाले कर दिया।
- मंगलवार रात से सेना ने सुरक्षा की कमान संभाल ली, जिससे हालात कुछ हद तक काबू में आए हैं।
पहले बांग्लादेश में भी झेलनी पड़ी थी ऐसी चुनौती
नेपाल से पहले भारतीय FMCG कंपनियों को बांग्लादेश में भी छात्र आंदोलनों के कारण उत्पादन और बिक्री में नुकसान झेलना पड़ा था।
- इमामी, मैरिको, पतंजलि, ITC और रिलायंस कंज्यूमर जैसी कंपनियां भी नेपाल में साझेदारियों के माध्यम से कारोबार करती हैं।
- ऐसे में नेपाल की मौजूदा स्थिति भारतीय FMCG कंपनियों की रणनीतियों पर बड़ा असर डाल सकती है।
क्यों है यह खबर अहम?
- नेपाल में भारतीय FMCG कंपनियों की मजबूत मौजूदगी है।
- उत्पादन ठप होने से डाबर के च्यवनप्राश, ब्रिटानिया बिस्किट और अन्य FMCG उत्पादों की सप्लाई चेन पर असर पड़ेगा।
- यह स्थिति उपभोक्ता मांग और कीमतों पर भी प्रभाव डाल सकती है।





