नेपाल इन दिनों बड़े राजनीतिक और सामाजिक उथल-पुथल से गुजर रहा है। प्रधानमंत्री ओ.पी. शर्मा कोली के इस्तीफे के बाद, राजधानी काठमांडू समेत कई शहरों में Gen Z के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन जारी हैं। इस बीच देश में अंतरिम सरकार बनाने की कवायद तेज हो गई है और सेना ने हालात काबू में रखने के लिए कर्फ्यू बढ़ा दिया है।
सुशीला कार्की को अंतरिम सरकार का प्रमुख बनाने की तैयारी
- सुप्रीम कोर्ट की पूर्व मुख्य न्यायाधीश सुशीला कार्की को अंतरिम सरकार का नेतृत्व सौंपने पर चर्चा चल रही है।
- प्रदर्शनकारी और कई स्थानीय नेता, जिनमें काठमांडू के मेयर बालेन्द्र शाह (बालेन) भी शामिल हैं, कार्की के नाम का समर्थन कर रहे हैं।
- कुछ लोग बालेन शाह को ही अंतरिम प्रधानमंत्री बनाने की मांग कर रहे हैं।
यह संकेत है कि जनता को प्रशासनिक अनुभव वाले नेतृत्व की तलाश है।
सेना ने कर्फ्यू बढ़ाया, समय-सीमा तय
नेपाल की सेना ने संवेदनशील हालात को देखते हुए काठमांडू, ललितपुर और भक्तपुर जिलों में लागू कर्फ्यू को 12 सितंबर सुबह 6 बजे तक बढ़ाने की घोषणा की है।
- आवश्यक सेवाओं की गाड़ियां सीमित समय के लिए चलेंगी।
- जरूरी सामान बेचने वाली दुकानें सुबह 6–9 बजे और शाम 5–7 बजे तक खुली रहेंगी।
- नागरिकों से अपील की गई है कि वे छोटे समूहों में खरीदारी करें।
महंगाई और सप्लाई संकट की आशंका
लगातार चार दिन से चल रहे विरोध और परिवहन ठप होने के कारण रोजमर्रा की चीज़ों की सप्लाई बाधित हो गई है।
- खाने-पीने के सामान और अन्य जरूरी वस्तुओं की कीमतें आसमान छूने की आशंका है।
- सरकार के अपदस्थ होने से वितरण व्यवस्था पर भी असर पड़ा है।
सोशल मीडिया बैन ने भड़काया Gen Z आंदोलन
- 8 सितंबर से काठमांडू, पोखरा, बुटवल और बीरगंज जैसे प्रमुख शहरों में विरोध शुरू हुआ।
- सरकार ने टैक्स और साइबर सुरक्षा के नाम पर प्रमुख सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर प्रतिबंध लगाया था।
- इस कदम ने युवाओं को नाराज़ कर दिया और वे सड़कों पर उतर आए।
अब तक कम से कम 30 लोगों की मौत और 500 से अधिक घायल होने की खबर है। हालात को काबू में करने के लिए कई शहरों में कर्फ्यू लगाया गया है।
भ्रष्टाचार और पक्षपात के खिलाफ जनता का गुस्सा
प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगें:
- सरकार में संस्थागत भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद का अंत।
- जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित करना।
सोशल मीडिया पर “नेपो बेबीज़” ट्रेंड के बाद नेताओं के बच्चों की ऐशोआराम भरी ज़िंदगी उजागर हुई, जिससे आम नागरिकों और राजनीतिक वर्ग के बीच की आर्थिक खाई और भी स्पष्ट हो गई।
नेपाल इस समय राजनीतिक संकट, युवा आंदोलन, और प्रशासनिक बदलाव के मोड़ पर खड़ा है।
- Gen Z आंदोलन ने दिखा दिया है कि नई पीढ़ी जवाबदेही और पारदर्शिता चाहती है।
- आने वाले दिनों में अंतरिम सरकार के गठन और महंगाई के हालात, दोनों ही नेपाल के लिए अहम मुद्दे बने रहेंगे।





