पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEF&CC) ने स्वच्छ वायु सर्वेक्षण रिपोर्ट 2025 जारी की है। इस रिपोर्ट ने देशभर में वायु प्रदूषण की वास्तविक स्थिति को उजागर किया है।
सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि दिल्ली और मुंबई नहीं, बल्कि चेन्नई देश का सबसे प्रदूषित बड़ा शहर घोषित हुआ है। वहीं, इंदौर, जबलपुर और आगरा ने स्वच्छ हवा के मामले में शीर्ष तीन स्थान हासिल कर देश के सामने उदाहरण पेश किया।
चेन्नई की सबसे खराब रैंकिंग
- 10 लाख से अधिक आबादी वाले 41 शहरों में चेन्नई सबसे निचले स्थान (41वें) पर रहा।
- चेन्नई का स्कोर सिर्फ 115.3 अंक रहा।
- विशेषज्ञों का मानना है कि तेज शहरीकरण, सार्वजनिक परिवहन की कमी और निजी वाहनों पर निर्भरता ने स्थिति को और बिगाड़ दिया है।
इन शहरों ने किया टॉप
- इंदौर – 200 अंक के साथ पहले स्थान पर
- जबलपुर – दूसरे स्थान पर
- आगरा – तीसरे स्थान पर
- सूरत – भी टॉप शहरों में शामिल
इन सभी को “राष्ट्रीय स्वच्छ वायु शहर” का खिताब मिला।
तमिलनाडु की मिली-जुली तस्वीर
- तिरुचि – 186 अंक के साथ 9वें स्थान पर, दक्षिण भारत का एकमात्र शहर जो टॉप-10 में शामिल।
- मदुरै – 116.1 अंक के साथ 40वें स्थान पर।
- छोटे शहरों की कैटेगरी में थूथुकुडी 125.6 अंक के साथ 36वें स्थान पर रहा।
सर्वेक्षण में किन बिंदुओं पर हुआ मूल्यांकन?
शहरों का मूल्यांकन कई मानदंडों पर किया गया, जिनमें शामिल हैं:
- सड़क धूल प्रबंधन
- वाहनों से उत्सर्जन नियंत्रण
- औद्योगिक उत्सर्जन
- निर्माण धूल का प्रबंधन
- ठोस अपशिष्ट दहन
- जन जागरूकता अभियान
चेन्नई की हवा क्यों हुई खराब?
पर्यावरणविदों के मुताबिक:
- तेज शहरीकरण और बिना योजना के विकास
- पब्लिक ट्रांसपोर्ट का अभाव
- निजी वाहनों की बढ़ती संख्या
- सड़क और निर्माण धूल का नियंत्रण न होना
- कचरा प्रबंधन में लापरवाही
आईआईटी मद्रास के एक विशेषज्ञ ने कहा,
“जब तक सार्वजनिक परिवहन को मजबूत नहीं किया जाता, इलेक्ट्रिक वाहनों को तेजी से अपनाया नहीं जाता और उद्योगों को स्वच्छ ईंधन की ओर नहीं ले जाया जाता, तब तक चेन्नई की स्थिति और बदतर होती जाएगी।”
स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2025 ने यह साफ कर दिया है कि भारत के कई बड़े शहरों को अब भी वायु प्रदूषण पर कड़ी कार्रवाई की जरूरत है। जहां इंदौर, जबलपुर और आगरा जैसे शहर बाकी देश के लिए मिसाल बने हैं, वहीं चेन्नई और मदुरै जैसे शहरों के लिए यह चेतावनी है कि बिना ठोस कदम उठाए हालात और बिगड़ सकते हैं।





