Report: Suman, By: Vijay Nandan Yadav
Makar Sankranti 14 January : जलमहल की पाल पर पतंग महोत्सव, लोक कला और थीम आधारित पतंगों ने मोहा मन
Makar Sankranti 14 January : जयपुर में मकर संक्रांति के पावन अवसर पर राजस्थान सरकार की ओर से जलमहल की पाल पर पतंग महोत्सव (काइट फेस्टिवल) का भव्य आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बुधवार को पतंग उड़ाकर महोत्सव का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की थीम पर आधारित विशेष पतंगों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया।
कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी, विधायक बालमुकुंदाचार्य, वरिष्ठ अधिकारी, लोक कलाकार और बड़ी संख्या में देशी-विदेशी पर्यटक मौजूद रहे। लोक कलाकारों की प्रस्तुतियों और रंग-बिरंगी पतंगों ने जलमहल परिसर को उत्सवमय बना दिया।


Makar Sankranti 14 January : मकर संक्रांति की पूरी कहानी, क्यों मनाया जाता है यह पर्व
मकर संक्रांति भारत का एक प्रमुख सूर्य-उत्सव है। यह पर्व उस खगोलीय घटना से जुड़ा है जब सूर्य देव धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करते हैं। इसी के साथ सूर्य का उत्तरायण आरंभ होता है, जिसे शुभ और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है।
पौराणिक मान्यता के अनुसार, मकर संक्रांति के दिन सूर्य देव अपने पुत्र शनि से मिलने जाते हैं, इसलिए यह पर्व समरसता, सौहार्द और रिश्तों में मधुरता का प्रतीक भी माना जाता है। इस दिन दान, स्नान और पुण्य कार्यों का विशेष महत्व है।


Makar Sankranti 14 January : राजस्थान में मकर संक्रांति का विशेष महत्व
राजस्थान में मकर संक्रांति का सबसे बड़ा आकर्षण पतंगबाजी है। जयपुर, जोधपुर और अन्य शहरों में छतें रंग-बिरंगी पतंगों से भर जाती हैं। यहाँ तिल-गुड़ के लड्डू, घेवर और पारंपरिक व्यंजन बनाए जाते हैं। लोक संस्कृति, संगीत और मेलों के माध्यम से यह पर्व सामाजिक एकता को मजबूत करता है। राज्य सरकार द्वारा आयोजित पतंग महोत्सव न केवल राजस्थान की सांस्कृतिक पहचान को दर्शाता है, बल्कि पर्यटन को भी बढ़ावा देता है। जलमहल जैसे ऐतिहासिक स्थल पर आयोजित यह आयोजन राजस्थान की परंपरा और आधुनिकता के सुंदर संगम को प्रस्तुत करता है।

Makar Sankranti 14 January : मकर संक्रांति पूरे भारत में अलग-अलग नामों और परंपराओं के साथ मनाई जाती है..
पंजाब, हरियाणा: लोहड़ी (एक दिन पहले)
तमिलनाडु: पोंगल
आंध्र प्रदेश, तेलंगाना: संक्रांति
असम: भोगाली बिहू
गुजरात: उत्तरायण (पतंग उत्सव)
महाराष्ट्र: तिलगुल
कर्नाटक: सुग्गी
हालाँकि नाम अलग हैं, लेकिन सभी जगह यह पर्व फसल, प्रकृति और सूर्य के प्रति कृतज्ञता का प्रतीक है।
मकर संक्रांति केवल एक पर्व नहीं, बल्कि नई ऊर्जा, नई फसल और नई शुरुआत का संदेश है। जयपुर में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और डिप्टी सीएम दिया कुमारी की मौजूदगी में आयोजित पतंग महोत्सव ने इस संदेश को पूरे देश और दुनिया तक पहुँचाया।
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