Mahasamund Ropeway Accident : मां खल्लारी मंदिर रोपवे हादसा
महासमुंद जिले के सुप्रसिद्ध मां खल्लारी मंदिर में 22 मार्च को हुए रोपवे हादसे में एक व्यक्ति की मौत और 16 लोग घायल हो गए थे। हादसे के बाद प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज ने खल्लारी विधायक द्वारिकाधीश यादव के संयोजन में 6 सदस्यीय टीम गठित कर जांच के आदेश दिए थे।

Mahasamund Ropeway Accident : कांग्रेस जांच टीम ने घटना स्थल का निरीक्षण किया
कांग्रेस की जांच टीम ने घटना स्थल पर पहुंचकर मुख्य रूप से चार बिंदुओं का निरीक्षण किया, मेंटेनेंस तथ्य, विद्युत व्यवस्था, संचालन टीम और मेंटेनेंस/चेकलिस्ट संबंधित तथ्य।टीम के संयोजक ने बताया कि कंपनी द्वारा नवरात्रि पर्व के तीन दिन पूर्व मेंटेनेंस कार्य कराया गया था, जो बिना किसी तकनीकी विशेषज्ञ की उपस्थिति में किया गया। इसमें अपर स्टेशन के मुख्य चक्क (व्हील) को बदला गया, जो पहले लगे चक्क से भिन्न पाया गया।
Mahasamund Ropeway Accident : रोपवे संचालन में खामियां
जांच में यह भी पाया गया कि पिछले 2-3 महीनों से पर्याप्त विद्युत आपूर्ति उपलब्ध नहीं थी, जिसके कारण रोपवे जनरेटर के माध्यम से संचालित हो रहा था। प्रारंभिक संचालन अनुभवी टीम द्वारा किया जा रहा था, लेकिन अचानक अज्ञात कारणों से इसे स्थानीय एवं कम अनुभवी टीम को सौंपा गया।संयोजक ने बताया कि अनुभवहीन टीम के कारण नियमित मेंटेनेंस और आवश्यक चेकलिस्ट का पालन नहीं किया गया, जो हादसे की एक प्रमुख वजह बन सकती है।

Mahasamund Ropeway Accident : मृतकों और घायलो को आर्थिक मदद
पत्रकारों से चर्चा में कांग्रेस टीम ने कहा कि मृतकों को 50 लाख रुपये एवं घायलों का इलाज नि:शुल्क किया जाए। हादसे में मृतकों की संख्या अब दो हो गई है। बीती रात महासमुंद निवासी गोविंद स्वामी उम्र 47 वर्ष का इलाज के दौरान निधन हो गया, जबकि उनकी पत्नी और बेटी का इलाज जारी है।मुख्यमंत्री ने हादसे में मृतक के परिजनों को 5 लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये सहायता राशि देने की घोषणा की है।

