Madhya Pradesh : सुशासन एवं विकास को नई गति देगा स्टेट एआई मिशन
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में सुशासन एवं विकास को नई गति देने और शासन व्यवस्था को अधिक प्रभावी, पारदर्शी एवं नागरिक-केंद्रित बनाने के उद्देश्य से शीघ्र ही मध्यप्रदेश स्टेट एआई मिशन प्रारंभ किया जाएगा। यह मिशन सेवाओं के संचालन और आर्थिक अवसरों के विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। स्टेट एआई मिशन राज्य के एआई विजन एंड एक्शन फ्रेमवर्क पर आधारित होगा, जिसके माध्यम से व्यवस्था को प्रेडिक्टिव, प्रोएक्टिव एवं डेटा-ड्रिवन बनाया जाएगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि एआई तकनीकों का उपयोग मानवीय निगरानी (ह्यूमन-इन-द-लूप) के साथ किया जाएगा, जिससे सुरक्षा, पारदर्शिता एवं नागरिकों का विश्वास सुनिश्चित किया जा सकेगा। एआई मिशन के क्रियान्वयन से नागरिकों, विशेषकर किसानों, ग्रामीण समुदायों, युवाओं एवं वंचित वर्गों को तेज, स्मार्ट और व्यक्तिगत सेवाएँ उपलब्ध होंगी। राज्य सरकार एआई तकनीक को सुलभ एवं किफायती बनाकर समाज के सभी वर्गों तक इसके लाभ पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है।

Madhya Pradesh : प्रेडिक्टिव गवर्नेंस को मिलेगा बढ़ावा
स्टेट एआई मिशन में कृषि, स्वास्थ्य, पोषण एवं आपदा प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में संभावित जोखिमों की पूर्व पहचान संभव हो सकेगी। सभी एआई प्रणालियों में पारदर्शिता, ऑडिटेबिलिटी और प्राइवेसी संरक्षण सुनिश्चित करते हुए रिस्पॉन्सिबल एआई के सिद्धांतों को अपनाया जाएगा। साथ ही प्रशासनिक कार्यों को अधिक दक्ष बनाने के लिए अधिकारियों को ड्राफ्टिंग, विश्लेषण, डिसीजन सपोर्ट एवं डेटा मैनेजमेंट से संबंधित एआई टूल्स उपलब्ध कराए जाएंगे। एआई का उपयोग केवल पायलट परियोजनाओं तक सीमित न रहकर राज्य की प्रमुख योजनाओं में व्यापक रूप से लागू किया जाएगा।
Madhya Pradesh : चरणबद्ध तरीके से होगा मिशन का क्रियान्वयन
स्टेट एआई मिशन को चरणबद्ध रूप से लागू किया जाएगा। वर्ष 2026-27 में वर्तमान एआई पहलों का समेकन एवं आधारभूत तैयारी सुदृढ़ की जाएगी। वर्ष 2027-28 में सफल यूज़ केसेस को विभिन्न विभागों में व्यापक स्तर पर लागू किया जाएगा और वर्ष-2028 से एआई को शासन की स्थायी संस्थागत क्षमता के रूप में विकसित किया जाएगा।
Madhya Pradesh : एआई तकनीक से नागरिक सेवाओं की पहुँच हुई सुदृढ़
एमपी ई-सेवा एवं संपदा 2.0 जैसे प्लेटफॉर्म से एआई आधारित पात्रता पहचान, फेस रिकग्निशन एवं रियल-टाइम ट्रैकिंग से नागरिक सेवाएँ अधिक सुलभ, पारदर्शी एवं उत्तरदायी बन रही हैं। एआई आधारित गिरदावरी प्रणाली से भूमि एवं फसल संबंधी सेवाओं में सटीकता एवं विश्वसनीयता सुनिश्चित हुई है।
कृषि क्षेत्र में एआई आधारित गिरदावरी, सिप्री परियोजना, जिला स्तरीय जीआईएस प्लेटफॉर्म तथा सारा एवं उन्नति एग्रीजीआईएस से करोड़ों भू-खंडों पर फसल मैपिंग एवं उपज आकलन किया जा रहा है, जिससे प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में पारदर्शिता एवं बेहतर निर्णय-निर्माण को बल मिला है।
Madhya Pradesh : एआई से सामाजिक सशक्तिकरण को मिल रहा बढ़ावा
एआई आधारित पहलों के तहत सुमन सखी कार्यक्रम से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी की जा रही है।वहीं एमपी कौशल रथ एवं ज्ञानकोष के जरिए युवाओं को कौशल प्रशिक्षण और रोजगार अवसरों से जोड़ा जा रहा है। समग्र प्लेटफॉर्म आधारित एआई पहचान प्रणाली से पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं का लाभ पारदर्शी एवं लक्षित तरीके से पहुँचाया जा रहा है।
Madhya Pradesh : एआई क्षेत्र में कौशल विकास को मिलेगा बढ़ावा
राज्य में स्टार्टअप, शैक्षणिक संस्थानों एवं इंडस्ट्री के साथ साझेदारी विकसित कर मजबूत एआई इको सिस्टम तैयार किया जाएगा। युवाओं एवं शासकीय अधिकारियों के लिए एआई स्किलिंग कार्यक्रम संचालित कर भविष्य की तकनीकी आवश्यकताओं के अनुरूप मानव संसाधन तैयार किए जाएंगे।
Madhya Pradesh : सुशासन का नया मॉडल बनेगा मध्यप्रदेश
‘मिनिमम गवर्नमेंट, मैक्सिमम गवर्नेंस’ के सिद्धांत पर आधारित एआई दृष्टिकोण नागरिक सेवाओं की गुणवत्ता, पारदर्शिता एवं प्रभावशीलता को नई ऊँचाई प्रदान करेगा। राज्य सरकार का लक्ष्य एआई को प्रयोगशाला से निकालकर ‘पब्लिक गुड’ के रूप में अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना है, जिससे समावेशी एवं उत्तरदायी विकास सुनिश्चित किया जा सके।

