टैक्स चोरी का बड़ा ‘खेल’, लाखों की मंडी बनी ‘ढांचा’; किसान औने-पौने दाम पर बेचने को मजबूर
Report: Mukesh Prajapati
खनियांधाना: कृषि उपज मंडी इन दिनों घोर अव्यवस्था और मनमानी का शिकार है। मंडी प्रशासन की लापरवाही के चलते परिसर में सन्नाटा पसरा है, जबकि मूंगफली की सारी खरीद-फरोख्त गूडर रोड, रेंज चौराहा जैसे सार्वजनिक स्थलों पर हो रही है।
किसानों का आरोप है कि मंडी अधिकारी अक्सर नदारद रहते हैं। प्रभारी अधिकारी के पास दो स्थानों का अतिरिक्त प्रभार है, जिसका बहाना बनाकर वह मंडी को समय नहीं देते। उनकी अनुपस्थिति का फायदा उठाकर कर्मचारी मनमानी कर रहे हैं।
राजस्व को चूना: मंडी के बाहर खुले में बिक्री होने से बड़े पैमाने पर मंडी शुल्क (टैक्स) की चोरी हो रही है। व्यापारी बाहर दलालों के माध्यम से किसानों से उपज खरीदकर सरकारी खजाने को सीधा नुकसान पहुंचा रहे हैं। किसानों का साफ कहना है कि यह सब अधिकारी-कर्मचारियों की खुली मिलीभगत से चल रहा है।
अधिकारियों के नियंत्रण न होने के कारण किसान अपनी उपज औने-पौने दाम पर बेचने को मजबूर हैं। लाखों की लागत से बनी मंडी सिर्फ एक ‘शोपीस’ बनकर रह गई है।
किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि अधिकारी का दोहरा चार्ज खत्म किया जाए और टैक्स चोरी में शामिल कर्मियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि किसानों को न्याय और सरकारी राजस्व को सुरक्षा मिल सके।





