BY: Yoganand Shrivastava
इंदौर: नंदलालपुरा इलाके में मंगलवार को 22 किन्नरों ने एक बंद कमरे में फिनाइल पीकर आत्महत्या की कोशिश की, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और सभी को तत्काल उपचार के लिए एमवाय अस्पताल भेजा। डॉक्टरों ने बताया कि सभी की हालत अब स्थिर है और उन्हें खतरे से बाहर रखा गया है।
विवाद के कारण
मौके पर जांच में पता चला कि यह कदम किन्नरों के आपसी झगड़े के कारण उठाया गया। नंदलालपुरा के दो गुटों—सपना गुरु का गुट और सीमा व पायल गुरु का गुट—के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा है। मंगलवार को किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर लक्ष्मी त्रिपाठी भी विवाद सुलझाने के लिए इंदौर आई थीं। इससे पहले भी इस मामले में SIT गठित हुई थी, लेकिन जांच पूरी नहीं हो पाई थी।
घटना के बाद का हाल
फिनाइल पीने के बाद एक गुट ने नंदलालपुरा चौराहे पर चक्काजाम कर हंगामा किया, जिससे मार्ग पर लंबी वाहन कतारें लग गईं। पुलिस ने समय रहते स्थिति को नियंत्रण में लाया और हंगामा कर रहे किन्नरों को समझा कर चक्काजाम खुलवाया।
मेडिकल अपडेट
एमवाय अस्पताल के डॉक्टरों के अनुसार, समय पर उपचार मिलने की वजह से बड़ी अनहोनी टली और सभी मरीज अब सुरक्षित हैं। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और दोनों गुटों के किन्नरों से पूछताछ जारी है।





