by: vijay nandan
IndiaHelpsIran : मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच भारत ने मानवीय पहल करते हुए ईरान को राहत सामग्री भेजी है। यह सहायता ऐसे समय में पहुंची है जब ईरान युद्ध की स्थिति से जूझ रहा है और वहां आम लोगों पर इसका गहरा असर पड़ रहा है।
भारत से भेजी गई मेडिकल सहायता की पहली खेप तेहरान पहुंच चुकी है। ईरान के दूतावास ने इस मदद के लिए भारत और यहां की जनता का धन्यवाद किया है। दूतावास के अनुसार, यह सहायता ईरानी रेड क्रिसेंट सोसाइटी तक सफलतापूर्वक पहुंच गई है और जरूरतमंद लोगों के इलाज में उपयोगी साबित होगी।

बताया गया है कि मौजूदा हालात में ईरान के स्वास्थ्य तंत्र पर काफी दबाव है। लगातार हमलों के कारण बड़ी संख्या में लोग घायल हो रहे हैं, जिससे अस्पतालों में दवाओं और उपकरणों की कमी महसूस की जा रही है। ऐसे में भारत की ओर से भेजी गई राहत सामग्री बेहद अहम मानी जा रही है।
IndiaHelpsIran : भारत ने इस सहायता में जीवनरक्षक दवाइयां, मेडिकल उपकरण और जरूरी स्वास्थ्य सामग्री शामिल की है, ताकि घायलों का इलाज बेहतर तरीके से हो सके और अस्पतालों की जरूरतें पूरी की जा सकें। यह कदम पूरी तरह मानवीय आधार पर उठाया गया है।

IndiaHelpsIran : अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी भारत की इस पहल को सकारात्मक रूप से देखा जा रहा है। चीन और रूस समेत कई अन्य देशों ने भी ईरान को सहायता देने की घोषणा की है।
बता दें कि क्षेत्र में तनाव उस समय और बढ़ गया जब इज़राइल और अमेरिका के साथ संघर्ष तेज हुआ। इसके बाद हालात और गंभीर होते चले गए, जिससे आम नागरिकों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। ऐसे समय में भारत की यह मदद न सिर्फ राहत पहुंचाने वाली है, बल्कि वैश्विक स्तर पर मानवीय सहयोग का एक मजबूत संदेश भी देती है।
भारत और ईरान के संबंध लंबे समय से सहयोग और मानवीय सहायता पर आधारित रहे हैं। मौजूदा संकट से पहले भी भारत कई मौकों पर ईरान की मदद कर चुका है। प्रमुख उदाहरण इस प्रकार हैं:
IndiaHelpsIran : 1 कोविड-19 महामारी (2020)
कोरोना संकट के दौरान भारत ने ईरान को दवाइयां, मेडिकल उपकरण और स्वास्थ्य सहायता भेजी थी। उस समय ईरान महामारी से बुरी तरह प्रभावित देशों में शामिल था।
IndiaHelpsIran : 2 दवाइयों और हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन की आपूर्ति (2020)
महामारी के शुरुआती दौर में भारत ने ईरान को जरूरी दवाइयों की आपूर्ति की, जिसमें हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन जैसी दवाएं भी शामिल थीं, जो उस समय उपचार में उपयोग हो रही थीं।
- ऑपरेशन समुद्र सेतु (2020)
भारत ने ऑपरेशन समुद्र सेतु के तहत ईरान में फंसे भारतीय नागरिकों को सुरक्षित वापस लाने के लिए विशेष मिशन चलाया। हालांकि यह सीधी सहायता नहीं थी, लेकिन संकट के समय सहयोग का बड़ा उदाहरण था।
- प्राकृतिक आपदाओं के दौरान सहयोग
ईरान में समय-समय पर आए भूकंप और बाढ़ जैसी आपदाओं के दौरान भारत ने राहत सामग्री और मानवीय सहायता भेजी है, हालांकि ये सहायता सीमित स्तर पर रही।
- चिकित्सा और मानवीय सहयोग (विभिन्न अवसर)
भारत ने कई मौकों पर दवाइयों और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी सहायता प्रदान की है, खासकर तब जब ईरान पर अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के कारण सप्लाई प्रभावित हुई। कुल मिलाकर, भारत का रुख हमेशा मानवीय सहयोग का रहा है। चाहे महामारी हो, प्राकृतिक आपदा या युद्ध जैसी स्थिति—भारत ने जरूरत पड़ने पर ईरान की मदद की है और दोनों देशों के बीच यह सहयोग लगातार बना हुआ है।

