IndiaEUDeal 2026 : नई दिल्ली, भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच बहुप्रतीक्षित मुक्त व्यापार समझौता (FTA) अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। सूत्रों के मुताबिक, 27 जनवरी को होने वाले इंडिया-EU समिट में इस डील का औपचारिक ऐलान किया जा सकता है। यूरोपीय नेताओं ने इस समझौते को ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ करार दिया है। इस डील की सबसे बड़ी और अहम शर्त यह है कि भारत यूरोपीय संघ से आयात होने वाली कारों पर लगने वाले भारी टैरिफ में बड़ी कटौती करने जा रहा है। फिलहाल यूरोप में बनी कारों पर भारत 70 से 110 प्रतिशत तक आयात शुल्क वसूलता है, जिसे घटाकर पहले चरण में 40 प्रतिशत किया जा सकता है।

IndiaEUDeal 2026 : यूरोपीय कारों को मिलेगी बड़ी राहत
सूत्रों के अनुसार, 15,000 यूरो (करीब 17,700 डॉलर) से अधिक कीमत वाली चुनिंदा यूरोपीय कारों पर तुरंत टैरिफ कटौती लागू होगी। शुरुआत में यह छूट सीमित संख्या में कारों के लिए होगी, लेकिन आगे चलकर आयात शुल्क को चरणबद्ध तरीके से घटाकर 10 प्रतिशत तक लाने की योजना है। इस फैसले से फॉक्सवैगन, मर्सिडीज-बेंज़, बीएमडब्ल्यू जैसी यूरोपीय कार कंपनियों के लिए भारतीय बाजार में एंट्री और विस्तार आसान हो जाएगा।

IndiaEUDeal 2026 : इलेक्ट्रिक कारें अभी डील से बाहर
घरेलू ऑटो और ईवी इंडस्ट्री को संरक्षण देने के लिए भारत ने शुरुआती पांच वर्षों तक इलेक्ट्रिक कारों को इस समझौते से बाहर रखने का प्रस्ताव दिया है। यानी फिलहाल पेट्रोल और डीज़ल कारों को ही टैरिफ में राहत मिलेगी।
IndiaEUDeal 2026 : भारत की ट्रेड स्ट्रेटेजी में बड़ा बदलाव
यह डील ऐसे समय पर सामने आ रही है, जब विश्व व्यापार में संरक्षणवाद बढ़ रहा है और अमेरिका ने भारत पर 50% तक टैरिफ लगाए हैं। ऐसे में भारत-EU FTA भारत की ट्रेड रणनीति को नया आयाम दे सकता है और यूरोपीय संघ के साथ आर्थिक रिश्तों को और मज़बूत करेगा।

IndiaEUDeal 2026 : 2007 से चल रही थी बातचीत
भारत और EU फ्री ट्रेड पर बातचीत की शुरुआत 2007 में हुई थी, लेकिन बाजार पहुंच, लेबर स्टैंडर्ड, बौद्धिक संपदा अधिकार और रेगुलेटरी नियमों जैसे मुद्दों पर मतभेद के कारण प्रक्रिया अटक गई थी। 2022 में दोबारा बातचीत शुरू हुई और बीते एक साल में इसमें तेज़ी आई। अगर यह समझौता फाइनल होता है, तो यह भारत के लिए अब तक के सबसे बड़े और रणनीतिक व्यापार समझौतों में से एक माना जाएगा।

