BY: MOHIT JAIN
भारत और अमेरिका के बीच संबंधों को और मजबूत बनाने की दिशा में सोमवार को एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ा। संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 80वें सत्र के दौरान भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अमेरिकी सीनेटर और विदेश मामलों के प्रमुख मार्को रुबियो से मुलाकात की। इस बैठक में दोनों नेताओं ने व्यापार, रक्षा, ऊर्जा और क्वाड सहयोग जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में साझेदारी बढ़ाने पर सहमति जताई।
रुबियो ने बैठक के बाद कहा,
“भारत अमेरिका के लिए बहुत अहम साझेदार है। हम व्यापार, रक्षा, ऊर्जा और महत्वपूर्ण खनिज क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
मुलाकात में उठाए गए मुख्य मुद्दे
जयशंकर और रुबियो ने लगभग एक घंटे तक बातचीत की और कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की:
- हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति और स्थिरता: दोनों देशों ने मिलकर काम करने का संकल्प लिया।
- क्वाड सहयोग: भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने पर सहमति।
- व्यापार और ऊर्जा: दवाइयां, महत्वपूर्ण खनिज और ऊर्जा क्षेत्र में आपसी साझेदारी बढ़ाने के उपाय।
- नियमित संपर्क: प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में निरंतर संवाद बनाए रखने पर सहमति।
जयशंकर ने X (पूर्व Twitter) पर लिखा,
“रुबियो से न्यूयॉर्क में मिलकर अच्छा लगा। हमने आपसी और वैश्विक मुद्दों पर खुलकर बात की।”
Good to meet @SecRubio this morning in New York.
— Dr. S. Jaishankar (@DrSJaishankar) September 22, 2025
Our conversation covered a range of bilateral and international issues of current concern. Agreed on the importance of sustained engagement to progress on priority areas.
We will remain in touch.
🇮🇳 🇺🇸 pic.twitter.com/q31vCxaWel
रुबियो ने भी लिखा,
“हमने व्यापार, ऊर्जा, दवाइयों और महत्वपूर्ण खनिज क्षेत्रों में भारत-अमेरिका रिश्तों को मजबूत करने पर चर्चा की। इससे दोनों देशों में खुशहाली बढ़ेगी।”
Met with Indian External Affairs Minister @DrSJaishankar at UNGA. We discussed key areas of our bilateral relationship, including trade, energy, pharmaceuticals, and critical minerals and more to generate prosperity for India and the United States. pic.twitter.com/5dZJAd85Za
— Secretary Marco Rubio (@SecRubio) September 22, 2025
पिछले महीनों के तनाव को दूर करने का प्रयास
हाल के महीनों में भारत और अमेरिका के बीच व्यापार और रूस से तेल खरीद को लेकर तनाव देखने को मिला था। ट्रंप प्रशासन ने रूस से तेल आयात पर भारत पर 25% अतिरिक्त टैरिफ लगाया था, जिससे कुल टैरिफ 50% हो गया।
इसके अलावा, H1B वीजा पर 1,00,000 डॉलर शुल्क की घोषणा से भारतीय पेशेवरों, खासकर IT और मेडिकल क्षेत्र के लोगों में चिंता बढ़ी। इस बैठक ने ऐसे मुद्दों पर समझौते और संवाद को आगे बढ़ाने का मौका दिया।
व्यापार समझौते की दिशा में ठोस कदम
बैठक के दौरान भारत और अमेरिका ने व्यापार समझौते को जल्द पूरा करने पर भी चर्चा की।
- केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के नेतृत्व में भारतीय प्रतिनिधिमंडल अमेरिकी अधिकारियों से मिला।
- लक्ष्य: 2030 तक आपसी व्यापार को 191 अरब डॉलर से बढ़ाकर 500 अरब डॉलर तक ले जाना।
- हाल ही में अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय की टीम ने भारत का दौरा किया था और सकारात्मक बातचीत हुई थी।
जयशंकर की अन्य महत्वपूर्ण मुलाकातें
न्यूयॉर्क में जयशंकर ने यूरोपीय संघ के विदेश मंत्रियों और अन्य अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों से भी बातचीत की।
इस बैठक ने स्पष्ट कर दिया कि भारत-अमेरिका संबंधों को नई ऊँचाइयों पर ले जाने का प्रयास जारी है। व्यापार, ऊर्जा, रक्षा और क्वाड सहयोग जैसे क्षेत्रों में नियमित संवाद और सहयोग से दोनों देशों के बीच भरोसे और साझेदारी को और मजबूत किया जा सकता है।





