India Telecom Growth : BSNL के निजीकरण का कोई सवाल नहीं, 18 साल बाद मुनाफे में लौटकर बना आत्मनिर्भर भारत का मजबूत स्तंभः केन्द्रीय मंत्री
India Telecom Growth : केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने आज, बुधवार संसद में देश के टेलीकॉम सेक्टर में आई ऐतिहासिक प्रगति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पिछले 12 वर्षों में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने दूरसंचार के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बनाई है। साथ ही बीएसएनएल को लेकर एक प्रश्न पर उत्तर देते हुए केन्द्रीय मंत्री ने बताया कि इसके निजीकरण का कोई प्रश्न नहीं उठता। यह संस्था जनता की सेवा के लिए सदैव तत्पर रहेगी। उन्होंने कहा कि जहां एक समय डेटा की औसत कीमत 290 रुपये हुआ करती थी, वह आज घटकर मात्र 8 रुपये रह गई है, जो लगभग 97% की कमी को दर्शाता है। 5G नेटवर्क आज देश के 99.9% जिलों तक पहुंच चुका है और 120 करोड़ उपभोक्ताओं में से 40 करोड़ लोग 5G सेवाओं का उपयोग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह दुनिया के सबसे तेज 5G विस्तारों में से एक है, जिसने भारत को डिजिटल क्रांति के अग्रणी देशों में खड़ा किया है।

India Telecom Growth : आत्मनिर्भरता की राह पर है बीएसएनएल, निजीकरण का कोई प्रश्न नहीं
केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा कि BSNL के निजीकरण का कोई मुद्दा नहीं है और यह पूरी तरह देश की जनता की सेवा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि 18 वर्षों बाद पहली बार BSNL ने 2024-25 में लगातार दो तिमाहियों में 280 करोड़ और 262 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ अर्जित किया है। साथ ही BSNL के उपभोक्ताओं की संख्या जून 2024 में 8.5 करोड़ से बढ़कर 9.27 करोड़ हो गई है। राजस्थान में BTS अपटाइम भी 92% से बढ़कर 97% हो गया है, जो सेवा गुणवत्ता में सुधार का संकेत है।
India Telecom Growth : सीमावर्ती गांवों में 98% तक पहुंची कनेक्टिविटी
इसके अलावा एक प्रश्न के उत्तर में सिंधिया ने सीमावर्ती क्षेत्रों में कनेक्टिविटी को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी देते हुए कहा कि वर्ष 2014 में केवल 42% सीमावर्ती गांवों में टेलीकॉम सुविधा उपलब्ध थी, जो आज बढ़कर 98% हो गई है। 17,600 में से 17,222 गांवों को कनेक्टिविटी से जोड़ा जा चुका है। उन्होंने बताया कि सरकार ने सीमावर्ती इलाकों में अपने पुराने नियमों में व्यापक बदलाव किए हैं, जिनमें सिग्नल फेड-आउट क्लॉज को समाप्त करना, डिस्टेंस प्रतिबंधों में ढील और राइट ऑफ वे नियमों को सरल बनाना शामिल है। राजस्थान में भी 1,322 सीमावर्ती गांवों में से 1,285 गांवों को कनेक्टिविटी से जोड़ा जा चुका है, जबकि शेष गांवों को 4G सैचुरेशन योजना के तहत कवर किया जा रहा है।
India Telecom Growth : वाइब्रेंट विलेज और स्वदेशी 4G स्टैक से आत्मनिर्भरता को बल
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन के अनुरूप ‘वाइब्रेंट विलेज’ योजना के तहत सीमावर्ती गांवों को देश के “पहले गांव” के रूप में विकसित किया जा रहा है। उत्तराखंड में 705 में से 684 गांवों को टेलीकॉम कनेक्टिविटी मिल चुकी है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत ने पहली बार स्वदेशी 4G टेलीकॉम स्टैक विकसित कर वैश्विक स्तर पर अपनी तकनीकी क्षमता साबित की है। BSNL के माध्यम से 1 लाख स्वदेशी 4G टावर स्थापित किए जा चुके हैं और आगे 22,000 टावर और लगाए जाएंगे।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत अब केवल टेलीकॉम सेवाओं का उपभोक्ता नहीं, बल्कि उपकरण निर्माण में भी अग्रणी बनने की दिशा में आगे बढ़ चुका है। उन्होंने विश्वास जताया कि जल्द ही 5G सेवाएं भी स्वदेशी तकनीक के माध्यम से और अधिक मजबूत रूप में देशभर में उपलब्ध होंगी।
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