India-EU Summit 2026 : ‘मदर ऑफ डील’, दुनिया का आर्थिक समीकरण बदलने वाली डील
India-EU Summit 2026 : नई दिल्ली, भारत और यूरोपियन यूनियन के बीच मुक्त व्यापार समझौते को लेकर 18 साल बाद गतिरोध खत्म हो गया है। भारत-EU ने दुनिया का आर्थिक समीकरण बदलने वाली डील जिसे ‘मदर ऑफ डील’ कहा जा रहा है, पर हस्ताक्षर हो गए हैं। इसमें भारत और ईयू के बीच कई कारोबारी अहम समझौतों पर मुहर लग गई है।

India-EU Summit 2026 : भारत और EU ने FTA (फ्री ट्रेड एग्रीमेंट) पर साइन कर लिए हैं। पीएम मोदी ने इसे साझा समृद्धि का नया ब्लूप्रिंट बताया है। उन्होंने कहा कि यह भारत के इतिहास का सबसे बड़ा फ्री ट्रेड एग्रीमेंट है। प्रधानमंत्री मोदी ने यूरोपीय काउंसिल के प्रेसिडेंट एंटोनियो कोस्टा और यूरोपियन कमीशन की प्रेसिडेंट उर्सुला वॉन डेर लेयेन की मौजूदगी में ये ऐलान किया है।
India-EU Summit 2026 : भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था है: यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष, एंटोनियो लुइस सैंटोस दा कोस्टा
India-EU Summit 2026 : उधर डील फाइनल होने के बाद यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो लुइस सैंटोस दा कोस्टा ने कहा, भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था है। सदियों से हमारे दोनों महाद्वीपों के बीच व्यापार होता रहा है। व्यापार एक महत्वपूर्ण भू-राजनीतिक स्थिरता कारक और आर्थिक विकास का मूल स्रोत है। व्यापार समझौते नियम आधारित आर्थिक व्यवस्था को सुदृढ़ करते हैं, और साझा समृद्धि को बढ़ावा देते हैं। इसीलिए आज का मुक्त व्यापार समझौता ऐतिहासिक महत्व रखता है। यह अब तक के सबसे महत्वाकांक्षी समझौतों में से एक है, जो 2 अरब लोगों के बाजार का निर्माण करता है।
उन्होंने आगे कहा कि बहुध्रुवीय दुनिया में यूरोपीय संघ और भारत साझा समृद्धि के क्षेत्रों को विकसित करने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं। लेकिन सुरक्षा के बिना समृद्धि संभव नहीं है। अपने नागरिकों और साझा हितों की बेहतर सुरक्षा के लिए सहयोग को मजबूत करें, हिंद-प्रशांत क्षेत्र, यूरोप और दुनिया भर में हमारे सामने मौजूद सभी प्रकार के सुरक्षा खतरों का मुकाबला करने के लिए मिलकर काम करें और हमारे बीच रणनीतिक विश्वास के एक नए स्तर तक पहुंचें। यही हमारे सुरक्षा और रक्षा साझेदारी समझौते का महत्व है।
India-EU Summit 2026 : ऐसे समय में ये समझौता हुआ है जब व्यापार का तेजी से दुरुपयोग हो रहा है: यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन
भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर हस्ताक्षर होने पर यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हमने कर दिखाया! हमने अब तक का सबसे बड़ा समझौता कर दिखाया। यह भारतीय कौशल, सेवाओं और विशाल क्षमता को यूरोपीय प्रौद्योगिकी, पूंजी और नवाचार के साथ एकीकृत करता है। इससे विकास के ऐसे स्तर प्राप्त होंगे जो कोई भी पक्ष अकेले हासिल नहीं कर सकता। अपनी शक्तियों को मिलाकर हम रणनीतिक निर्भरता को कम करते हैं, ऐसे समय में जब व्यापार का तेजी से दुरुपयोग हो रहा है।



India-EU Summit 2026 : भारत–EU ट्रेड डील के बाद भारत में ये EU के सामान सस्ते होंगे, संभावित प्रोडक्ट और टैरिफ का गणित
केमिकल्स
EU के लगभग सभी केमिकल प्रोडक्ट्स पर टैरिफ खत्म
पहले टैक्स: 22% तक- अब लगभग शून्य हो सकता है
मेडिकल व सर्जिकल उपकरण
90% मेडिकल/सर्जिकल इक्विपमेंट पर टैक्स खत्म
इलाज और जांच से जुड़ी मशीनें होंगी सस्ती
शराब, बीयर और वाइन
वाइन: 150% → 20–30%
बीयर: 110% → 50%
स्पिरिट्स (व्हिस्की आदि): 40%
खाने-पीने की चीजें
ऑलिव ऑयल (जैतून का तेल): टैक्स पूरी तरह खत्म
मार्जरीन और वेजिटेबल ऑयल: शून्य टैरिफ
कारें (EU Cars)
आयात शुल्क धीरे-धीरे घटकर 10%
सालाना 2.5 लाख कारों तक इंपोर्ट की अनुमति
मशीनरी व इंडस्ट्रियल सामान
मशीनरी पर पहले 44% तक टैक्स → अब बड़ी राहत
इंडस्ट्रियल इक्विपमेंट सस्ता होगा
एयरक्राफ्ट और स्पेस प्रोडक्ट्स
EU के लगभग सभी विमान और स्पेस सेक्टर प्रोडक्ट्स पर टैक्स खत्म
सर्विस सेक्टर (अप्रत्यक्ष फायदा)
EU की बैंकिंग, फाइनेंशियल, शिपिंग और मैरीटाइम सेवाएं आसान और सस्ती होंगी
कुल असर
EU की 90–96% वस्तुओं पर टैक्स खत्म या कम
2032 तक भारत–EU व्यापार दोगुना होने की उम्मीद
उपभोक्ताओं को शराब, कार, मेडिकल उपकरण, ऑलिव ऑयल जैसी चीजों में सीधा फायदा ।

