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जनता दर्शन में बच्ची ने सीएम योगी से की पढ़ाई की गुहार, मुख्यमंत्री ने तुरंत दिया एडमिशन का आदेश

BY: Yoganand Shrivastva

लखनऊ, उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम के दौरान एक भावुक और प्रेरणादायक दृश्य देखने को मिला, जब एक नन्ही बच्ची ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से पढ़ने की इच्छा जताई और स्कूल में दाखिला कराने की गुजारिश की। इस भावुक पल का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।


क्या हुआ जनता दर्शन में?

लखनऊ स्थित मुख्यमंत्री आवास पर लगे जनता दर्शन में हजारों लोग अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे थे। इन्हीं में शामिल थी एक छोटी बच्ची, जो पढ़ाई को लेकर बेहद गंभीर थी। उसने सीएम योगी से सामने खड़े होकर मासूमियत से कहा,
“आप मेरा स्कूल में एडमिशन करवा दीजिए।”

मुख्यमंत्री योगी ने मुस्कुराते हुए बच्ची से बात की और मजाकिया लहजे में कहा,
“मतलब तू स्कूल नहीं जाना चाहती है?”
इस पर बच्ची ने तुरंत जवाब दिया, “नहीं, मैं स्कूल जाना चाहती हूं।”

मुख्यमंत्री ने फिर पूछा कि वह किस क्लास में पढ़ना चाहती है, जिस पर बच्ची ने कहा कि उसे क्लास का नहीं पता। इस पर सीएम हंसते हुए बोले,
“फिर इसका एडमिशन 10वीं या 11वीं में कराएं क्या?”
इसके तुरंत बाद मुख्यमंत्री ने वहां मौजूद अधिकारियों को निर्देश दिया,
“इसका तुरंत एडमिशन करवाओ।”


वीडियो हो रहा वायरल

इस पूरी बातचीत का वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसमें सीएम योगी आदित्यनाथ बच्ची से बड़े स्नेह और सहजता से बात करते नजर आते हैं। लोग इस वीडियो को देखकर मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता और बच्ची की मासूमियत की जमकर तारीफ कर रहे हैं।


शिक्षा को लेकर संजीदगी

यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ न केवल प्रशासनिक फैसलों में सख्त हैं, बल्कि बच्चों और शिक्षा जैसे मुद्दों को लेकर भी बेहद संवेदनशील हैं। बच्ची की पढ़ाई की इच्छा को देखकर उन्होंने न केवल उसे प्रेरित किया बल्कि तत्काल कार्रवाई का निर्देश भी दिया।


जनता दर्शन क्या है?

मुख्यमंत्री योगी नियमित रूप से जनता दर्शन आयोजित करते हैं, जिसमें आम लोग अपनी समस्याएं सीधे मुख्यमंत्री के सामने रख सकते हैं। यह कार्यक्रम आमतौर पर लखनऊ में मुख्यमंत्री आवास पर होता है, लेकिन कई बार गोरखपुर स्थित गोरखनाथ मंदिर परिसर में भी आयोजित किया जाता है। इसमें आए नागरिकों की समस्याओं पर मुख्यमंत्री स्वयं संज्ञान लेते हैं और संबंधित अधिकारियों को समाधान के निर्देश देते हैं।