BY: Yoganand Shrivastava
Gwalior news: ग्वालियर में शुक्रवार सुबह घना कोहरा और सर्द हवाओं ने ठंड का असर और तेज कर दिया। गुरुवार रात करीब एक बजे से ही कोहरा छाने लगा था, जो सुबह तक पूरे शहर में फैल गया। हालात ऐसे रहे कि सुबह नौ बजे तक सूरज नहीं निकला, जिससे ठिठुरन और बढ़ गई। सड़कों पर दृश्यता सौ मीटर से भी कम रही और लोगों को आवाजाही में परेशानी झेलनी पड़ी।
ट्रेनें लेट, यातायात प्रभावित
कोहरे और ठंड के चलते दिल्ली की ओर से आने वाली करीब आधा दर्जन ट्रेनें बीस मिनट से लेकर डेढ़ घंटे तक देरी से ग्वालियर पहुंचीं। कम दृश्यता के कारण सड़कों पर ट्रैफिक भी अस्त-व्यस्त रहा। हाइवे पर वाहन चालकों को धीमी गति से चलना पड़ा, जिससे यात्रा में समय अधिक लगा।
उत्तर-पश्चिमी हवाओं से बढ़ी ठिठुरन
मौसम विभाग के अनुसार उत्तर-पश्चिम दिशा से आ रही सर्द हवाओं और सुबह के समय छाए कोहरे के कारण न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है। इसका असर खासतौर पर सुबह और रात के समय महसूस किया जा रहा है। आने वाले कुछ दिनों तक सुबह के समय कोहरा बने रहने और तापमान में उतार-चढ़ाव की संभावना जताई गई है।
गुरुवार रहा सीजन का सबसे ठंडा दिन
इस मौसम में पहली बार गुरुवार को ग्वालियर में दिन का अधिकतम तापमान गिरकर चौबीस डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। धूप कमजोर रहने के कारण दिनभर ठंड महसूस की गई। बीते चौबीस घंटों में अधिकतम तापमान में करीब तीन दशमलव छह डिग्री की गिरावट दर्ज की गई, जबकि न्यूनतम तापमान घटकर ग्यारह दशमलव चार डिग्री सेल्सियस तक आ गया।
ग्वालियर-चंबल अंचल में पड़ेगी कड़ाके की ठंड
मौसम विभाग का अनुमान है कि ग्वालियर-चंबल अंचल में अगले सात दिनों तक कड़ाके की ठंड का असर बना रहेगा। आने वाले दिनों में दिन के समय ठंड ज्यादा महसूस होगी, क्योंकि धूप कमजोर रहेगी। दिन का तापमान चौबीस से सत्ताईस डिग्री सेल्सियस के बीच बना रह सकता है।
अगले दिनों और गिरेगा तापमान
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक पश्चिमी विक्षोभ ऊपरी हवा में सक्रिय है और एक नया सिस्टम भी बन चुका है। इसके प्रभाव से बीस दिसंबर के आसपास पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी की संभावना है। इसका असर मैदानी क्षेत्रों में भी दिखेगा और बाईस दिसंबर के बाद तापमान में और गिरावट दर्ज की जा सकती है। अगले दो दिनों तक दिन के तापमान में और कमी आने के आसार हैं।





