BY: MOHIT JAIN
27 साल पहले शुरू हुई एक छोटी सी सोच आज पूरी दुनिया का सबसे बड़ा सर्च इंजन बन चुकी है। गूगल (Google) आज केवल एक वेबसाइट या सर्च इंजन नहीं बल्कि हमारे जीवन का अहम हिस्सा है। चाहे बच्चों का होमवर्क हो, किसी प्रोफेशनल का रिसर्च वर्क या फिर रोजमर्रा की छोटी-बड़ी जानकारी हर सवाल का जवाब हमें गूगल पर मिलता है। यही वजह है कि इसे इंटरनेट का बादशाह कहा जाता है।
आज अपने 27वें जन्मदिन पर गूगल ने खास Google Doodle भी बनाया है, जो एक अनोखे रूप में नजर आ रहा है।
गूगल की शुरुआत कैसे हुई?

गूगल का जन्म दो अमेरिकी कंप्यूटर साइंटिस्ट लैरी पेज (Larry Page) और सर्गेई ब्रिन (Sergey Brin) के दिमाग की उपज है।
- 4 सितंबर 1998 को दोनों ने स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी, कैलिफोर्निया में अपनी पीएचडी के दौरान गूगल की शुरुआत की।
- शुरुआत में यह केवल एक रिसर्च प्रोजेक्ट था, लेकिन जल्द ही इसकी लोकप्रियता तेजी से बढ़ने लगी।
- साफ-सुथरा इंटरफेस और सबसे सटीक सर्च रिजल्ट्स ने इसे बाकी सभी सर्च इंजनों से अलग बना दिया।
गूगल कैसे बना इंटरनेट का बादशाह?

गूगल की सफलता दो वजहों से तय हुई:
- क्लीन और आसान इंटरफेस – यूजर्स के लिए इसे इस्तेमाल करना बेहद आसान था।
- बेहतरीन सर्च रिजल्ट्स – गूगल ने हमेशा सटीक और क्वालिटी रिजल्ट्स दिए।
जैसे-जैसे कंपनी को फंडिंग मिली, इसने नए प्रोडक्ट्स और सर्विसेज लॉन्च करना शुरू किया। Gmail, Google Maps, YouTube और Android जैसे प्रोडक्ट्स ने गूगल को और मजबूत बनाया।
गूगल की मौजूदा स्थिति
- गूगल की पैरेंट कंपनी Alphabet Inc. है।
- भारतीय मूल के सुंदर पिचाई गूगल और एल्फाबेट, दोनों कंपनियों के सीईओ हैं।
- आज गूगल सिर्फ एक सर्च इंजन नहीं बल्कि क्लाउड, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, स्मार्टफोन्स और टेक्नोलॉजी की दुनिया का सबसे बड़ा नाम है।
27 सालों का सफर गूगल के लिए सिर्फ एक शुरुआत है। एक छोटे से कॉलेज प्रोजेक्ट से शुरू हुआ यह सर्च इंजन आज हर घर, हर फोन और हर दिमाग का हिस्सा बन चुका है। यही वजह है कि आज हम किसी भी सवाल के जवाब में यही कहते हैं—“गूगल कर लो।”





