दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को हाल ही में हुए हमले के बाद Z कैटेगरी की CRPF सुरक्षा दी गई थी। लेकिन अब केंद्र सरकार ने यह सुरक्षा हटा ली है और जिम्मेदारी दोबारा दिल्ली पुलिस को सौंप दी है।
आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, यह फैसला सुरक्षा समीक्षा के बाद लिया गया है।
हमला और तत्काल सुरक्षा व्यवस्था
- 20 अगस्त 2025 को सुबह, सिविल लाइंस स्थित कैंप कार्यालय में सीएम रेखा गुप्ता जन सुनवाई कर रही थीं।
- इस दौरान अचानक एक व्यक्ति ने उन पर हमला कर दिया।
- घटना के बाद मुख्यमंत्री कार्यालय ने इसे पूर्वनियोजित हत्या की साजिश करार दिया।
हमले के तुरंत बाद गृह मंत्रालय ने सीआरपीएफ की वीआईपी यूनिट को Z कैटेगरी प्रोटोकॉल लागू करने का आदेश दिया था।
जांच और आरोपी की गिरफ्तारी
दिल्ली पुलिस ने हमले के मामले में अब तक दो लोगों को हिरासत में लिया है।
- मुख्य आरोपी राजेशभाई खिमजी सकरिया (41 वर्ष) राजकोट (गुजरात) का निवासी है।
- वह ऑटो रिक्शा चलाने का काम करता है।
- 20 अगस्त को ही उसे मौके पर पकड़ा गया और बाद में कोर्ट ने उसे 5 दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा।
CRPF सुरक्षा क्यों वापस ली गई?
सूत्रों के अनुसार, केंद्र सरकार ने पहले CRPF सुरक्षा बढ़ाने का औपचारिक आदेश जारी करने की तैयारी की थी। लेकिन अंतिम समय में निर्णय बदलते हुए सुरक्षा व्यवस्था वापस दिल्ली पुलिस को सौंप दी गई।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर हुए हमले ने राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। CRPF सुरक्षा वापस लिए जाने के बाद अब दिल्ली पुलिस पर उनकी सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी होगी। पुलिस जांच जारी है और आरोपियों से पूछताछ में कई अहम खुलासों की उम्मीद की जा रही है।





