Mohit Jain
दिल्ली ब्लास्ट केस से जुड़ा एक बड़ा अपडेट सामने आया है। इस मामले में गिरफ्तार डॉक्टर शाहीन के खिलाफ भारतीय चिकित्सा संघ ने कड़ा कदम उठाते हुए उनकी आजीवन सदस्यता तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी है। साथ ही उनका निष्कासन आदेश केंद्रीय कार्यालय को भी भेज दिया गया है।
ब्लास्ट के बाद कैसे आई चर्चा में डॉक्टर शाहीन

10 नवंबर की शाम दिल्ली के लाल किले के पास खड़ी एक कार में विस्फोट हुआ था, जिसमें 12 लोगों की मौत हो गई और 20 से अधिक लोग घायल हुए। इस घटना से पहले फरीदाबाद में 2900 किलो से अधिक विस्फोटक सामग्री दो चरणों में बरामद की गई थी। पहले 300 किलो और उसके बाद 2563 किलो विस्फोटक मिला था।
यह बरामदगी पहले से गिरफ्तार मुजम्मिल नाम के व्यक्ति की निशानदेही पर हुई। उसके पास से एक स्विफ्ट कार भी मिली, जो डॉक्टर शाहीन के नाम पर पंजीकृत थी। इसके बाद पुलिस ने शाहीन को गिरफ्तार कर लिया। शाहीन मूल रूप से लखनऊ की रहने वाली हैं।
परिवार ने क्या कहा डॉक्टर शाहीन के बारे में
गिरफ्तारी के बाद शाहीन के परिवार ने भी अपनी प्रतिक्रियाएं दीं। उनके पूर्व पति डॉक्टर जफर हयात ने बताया कि शाहीन ने कभी विवाहित जीवन में बुर्का नहीं पहना और वह बेहतर जीवन के लिए विदेश जाने की योजना बनाती थीं। वह अपने बच्चों की देखभाल करने वाली एक जिम्मेदार मां थीं।
शाहीन के भाई मोहम्मद शोएब ने कहा कि पिछले चार वर्षों से उनका अपनी बहन से कोई संपर्क नहीं था। वहीं, उनके पिता सैयद अहमद अंसारी ने बताया कि शाहीन की कथित संलिप्तता की खबर सुनकर वे स्तब्ध रह गए। उन्होंने बताया कि लगभग एक महीने पहले उनकी उससे आखिरी बार बात हुई थी।





